
डेस्क खबर खुलेआम
मुख्यमंत्री के जीरो टालरेंस कर कार्यवाई करते हुए एसीबी की ट्रैप कार्यवाही करते हुए बड़ी सफलता मिली है जिसमे लालपुर के पटवारी 25000 रुपए रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। डीएसपी बिलासपुर एसीबी अजितेश सिंह ने बताया कि रतनपुर जिला बिलासपुर निवासी अशोक अग्रवाल द्वारा एसीबी इकाई बिलासपुर में इस आशय की शिकायत की गई थी कि उसके द्वारा अपने लालपुर स्थित जमीन का नक्शा बटांकन करने के लिए करीब एक वर्ष पूर्व तहसीलदार रतनपुर के यहां आवेदन दिया था जिस पर उक्त कार्य करने के लिए तहसीलदार रतनपुर द्वारा लालपुर पटवारी को आदेशित किया गया था। उक्त कार्य करने के लिए जब उसके द्वारा लालपुर पटवारी भानु चंद्राकर से संपर्क किया गया तो उक्त कार्य के लिए उसके द्वारा उससे 40 हजार रुपए रिश्वत की मांग की जा रही है किंतु वह पटवारी भानु चंद्राकर को उक्त कार्य के लिए 40 हजार रुपए रिश्वत नहीं देना चाहता बल्कि उसे रंगे हाथ पकड़वाना चाहता है। शिकायत का सत्यापन कराने पर शिकायत सही पाई गई तथा सत्यापन के दौरान मोलभाव करने पर आरोपी पटवारी द्वारा 25000 रुपए लेने हेतु सहमति दी गई, जिस पर ट्रैप की योजना तैयार की गई । आज दिनांक 25.6.26 को प्रार्थी को पैसा लेने के लिए पटवारी द्वारा तहसील कार्यालय रतनपुर बुलाया गया था जो प्रार्थी को रिश्वत रकम 25 हजार रुपए देकर भेजे जाने पर तहसील कार्यालय रतनपुर में प्रार्थी से रिश्वत रकम 25000 रुपए लेते ही एसीबी बिलासपुर की टीम द्वारा आरोपी भानु चंद्राकर को पकड़ लिया गया ।रिश्वत में ली गई राशि 25000 रुपए को आरोपी से बरामद कर लिया गया है तथा आरोपी के विरुद्ध धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत कार्यवाही की जा रही है ।गौरतलब है कि एसीबी के द्वारा भ्रष्ट अधिकारियों /कर्मचारियों की लगातार कार्यवाही की जा रही है इसी अनुक्रम में उक्त कार्यवाही की गई । डीएसपी एसीबी बिलासपुर अजितेश सिंह द्वारा अपील कि है कि किसी भी विभाग के लोकसेवक द्वारा रिश्वत की मांग किए जाने पर तत्काल सूचना दे।














