
डेस्क खबर खुलेआम
विशेष संवाददाता बिलासपुर से
15 मामलों की जांच में 4-5 और डॉक्टर रडार पर
बिलासपुर। फर्जी स्नेक बाइट से मौत दर्शाकर सरकारी मुआवजा दिलाने के बहुचर्चित मामले में बिलासपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सिम्स की पूर्व चिकित्सक डॉ. प्रियंका सोनी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि उन्होंने दो मामलों में वास्तविक मौत के कारणों को छिपाकर सांप के काटने से मौत की फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार की थी। अदालत में पेशी के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।पुलिस के अनुसार, तोरवा थाना क्षेत्र में तहसील कार्यालय के नायब नाजीर की शिकायत पर महमंद निवासी निसार खान और लता सूर्यवंशी की संदिग्ध मौत की जांच शुरू की गई थी। विवेचना में सामने आया कि दोनों शवों का पोस्टमार्टम तत्कालीन सिम्स चिकित्सक डॉ. प्रियंका सोनी ने किया था और कथित रूप से स्नेक बाइट से मौत की फर्जी रिपोर्ट तैयार की गई थी, जिसके आधार पर मुआवजा लेने की कोशिश की गई।इस मामले में इससे पहले मृतकों के परिजनों और एक वकील सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। वहीं, इस कथित नेटवर्क का मुख्य आरोपी वकील श्रवण वस्त्रकार अब भी फरार है। पुलिस के अनुसार वह गंभीर बीमारी का इलाज करा रहा है। इधर, डॉ. प्रियंका सोनी के खिलाफ सिविल लाइन थाना में भी एक अलग मामला दर्ज है। आरोप है कि तालापारा निवासी पवन यादव की मौत को भी स्नेक बाइट बताया गया था, जबकि जांच में मौत का वास्तविक कारण हार्ट अटैक पाया गया। इस मामले में पुलिस डॉक्टर को प्रोडक्शन वारंट पर हिरासत में लेकर पूछताछ करेगी।इस पूरे मामले की परतें लगातार खुल रही हैं। 16 जुलाई को सरकंडा थाना पुलिस ने फर्जी स्नेक बाइट के पांच मामलों में कार्रवाई करते हुए एक वकील, एक बैंककर्मी, एक कथित वकील और तहसीलदार के दैनिक वेतनभोगी चालक सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।गौरतलब है कि वर्ष 2025 में भी बिल्हा थाना क्षेत्र में जहर खाने से हुई मौत को स्नेक बाइट बताकर फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार करने के मामले में डॉ. प्रियंका सोनी की गिरफ्तारी हो चुकी थी। फिलहाल पुलिस जिले में स्नेक बाइट से मौत के 15 संदिग्ध मामलों की गहन जांच कर रही है। जांच के दायरे में सिम्स के 4 से 5 अन्य डॉक्टर भी हैं। पुलिस का कहना है कि साक्ष्य मिलने पर इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।











