
खबर खुलेआम
रायगढ़ जिले में एक बार फिर वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। धरमजयगढ़ वन मंडल के लैलूंगा रेंज में एक हाथी शावक का शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया है। प्राथमिक तौर पर शावक की मौत बीमारी के कारण होने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। मिली जानकारी के अनुसार, लैलूंगा रेंज के आमापाली बीट के कक्ष क्रमांक 176 आरएफ में पिछले कुछ दिनों से 13 हाथियों का एक दल विचरण कर रहा था। इस दल में 1 नर, 7 मादा और 5 शावक शामिल थे।

वन विभाग की टीम द्वारा इस दल की लगातार निगरानी की जा रही थी। इसी दौरान ट्रैकिंग पर निकली टीम को चिलकागुड़ा के एक टिकरा क्षेत्र में करीब 4 माह के एक हाथी शावक का शव मिला। बताया जा रहा है कि शावक पिछले कुछ समय से अस्वस्थ था, जिससे उसकी मौत होने की संभावना जताई जा रही है। घटना के बाद भी हाथियों का दल आसपास के क्षेत्र में ही विचरण कर रहा है, जिससे वन विभाग अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। विभागीय कर्मचारियों के अनुसार, मृत शावक का पोस्टमार्टम कर बिसरा जांच के लिए भेज दिया गया है और नियमानुसार शव का अंतिम निपटान कर दिया गया है।
वन विभाग का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही शावक की मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पूरे इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है।













