
डेस्क खबर खुलेआम
रायपुर। करीब दो साल पहले हुई लता साहू की हत्या की गुत्थी पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्य के आधार पर सुलझा ली है। मृतिका के नाखूनों में मिले Biological Traces के DNA ने तीन आरोपियों तक पुलिस को पहुंचाया। पुराने DNA प्रोफाइल से संदिग्धों के नमूनों का मिलान होने पर तीनों का DNA मैच पाया गया।पुलिस के अनुसार 21 अगस्त 2024 को लता साहू के घर पर शराब पीने के दौरान विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने पर राजू मंडल उर्फ बंगाली ने लता का गला दबाया, जबकि मनहरण सारंग ने दोनों हाथ और राजेश पाल उर्फ चोटी ने दोनों पैर पकड़ रखे थे। संघर्ष के दौरान लता ने आरोपियों को नोचने का प्रयास किया, जिसके चलते उनके जैविक साक्ष्य उसके नाखूनों में रह गए।

पुलिस के मुताबिक हत्या के बाद आरोपी घर से नगदी, साड़ी और पायल लेकर फरार हो गए। नगदी आपस में बांट ली गई, जबकि साड़ी और पायल मनहरण सारंग के पास रखी गई।करीब दो साल तक सुरक्षित रखे गए वैज्ञानिक साक्ष्य का संदिग्धों के DNA से मिलान ही मामले की सबसे अहम कड़ी साबित हुआ। पूछताछ में आरोपियों से घटना से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।कार्रवाई में थाना प्रभारी खमतराई निरीक्षक जितेन्द्र जायसवाल, थाना टीम और ACCU टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। ACCU के ASI नवरंग कश्यप ने भी वैज्ञानिक साक्ष्यों को जोड़ने में विशेष योगदान दिया।




