
खबर खुलेआम
रायगढ़, 9 मई। कलेक्ट्रोरेट सारंगढ़ में कम्प्यूटर ऑपरेटर की नौकरी दिलाने का सपना दिखाकर 3 लाख 38 हजार 500 रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को कोतरारोड़ पुलिस ने जशपुर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी ने संविदा नियुक्ति का भरोसा दिलाकर युवती से नकद और ऑनलाइन रकम ऐंठी, फिर फर्जी नियुक्ति पत्र थमाकर महीनों तक गुमराह करता रहा।पुलिस के मुताबिक ग्राम कोतरा निवासी कुमारी पदिमनी यादव ने थाना कोतरारोड़ में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी पहचान भतीजी के माध्यम से हरीश मिश्रा से हुई थी। आरोपी ने कलेक्ट्रोरेट सारंगढ़ में कम्प्यूटर ऑपरेटर की नौकरी लगवाने का भरोसा देकर 9 फरवरी से 22 मार्च 2026 के बीच अलग-अलग किस्तों में कुल 3 लाख 38 हजार 500 रुपये ले लिये। रकम नकद और फोन-पे के माध्यम से दी गई थी।जब लंबे समय तक नियुक्ति नहीं हुई तो आरोपी लगातार बहाने बनाकर टालता रहा। इसी दौरान “कॉल मी सर्विसेस” नाम की संस्था का एक नियुक्ति पत्र भी पीड़िता को दिया गया। संदेह होने पर जब दस्तावेज की जांच कराई गई तो नियुक्ति पत्र पूरी तरह फर्जी निकला।शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 104/2026 धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में पुलिस टीम ने लगातार दबिश दी। फरार आरोपी के जशपुर में छिपे होने की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।पूछताछ में आरोपी ने ठगी की रकम लेना स्वीकार किया और बताया कि अधिकांश पैसा खर्च हो चुका है। पुलिस ने उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त रियलमी मोबाइल फोन और 900 रुपये नकद जब्त किया है। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले श्रम विभाग रायगढ़ में भृत्य के पद पर कार्य कर चुका है और उसके खिलाफ पहले भी शिकायतें मिल चुकी हैं।गिरफ्तार आरोपी हरीश मिश्रा (31 वर्ष) बैकुण्ठपुर, थाना कोतवाली रायगढ़ का निवासी है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने लोगों से अपील की है कि नौकरी या सरकारी भर्ती दिलाने के नाम पर पैसे मांगने वालों से सावधान रहें और किसी भी नियुक्ति संबंधी जानकारी केवल अधिकृत शासकीय माध्यमों से ही प्राप्त करें।











