
डेस्क खबर खुलेआम
जांजगीर-चांपा। जिले के बिर्रा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम करही में हुए चर्चित गोलीकांड मामले में जांजगीर-चांपा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लगभग एक माह तक चली गहन जांच और “ऑपरेशन हंट” अभियान के तहत पुलिस ने अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त पिस्टल, मैगजीन और मोटरसाइकिल भी बरामद की है।
पुरे मामले मे पुलिस ने कहा 👇🏼👇🏼
पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या के पीछे उधारी के पैसों को लेकर चल रहा विवाद, मृतक आयुष कश्यप का बढ़ता प्रभाव, आर्थिक प्रगति और व्यवसायिक प्रतिस्पर्धा से उपजी जलन मुख्य वजह थी। इन्हीं कारणों से आरोपियों ने मिलकर हत्या की साजिश रची थी।

गिरफ्तार आरोपियों में हेमंत कुमार बघेल (23), भूषण बघेल (23) और अमित टंडन (28) शामिल हैं। तीनों आरोपी ग्राम करही थाना बिर्रा क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि 23-24 अप्रैल 2026 की दरम्यानी रात तीन नकाबपोश बदमाश ग्राम करही में मृतक आयुष कश्यप के घर में घुस गए थे। आरोपियों ने आयुष कश्यप पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर उसकी हत्या कर दी थी, जबकि बीच-बचाव करने आए उसके छोटे भाई को भी गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। घटना की सूचना मिलते ही तत्कालीन प्रभारी पुलिस अधीक्षक श्रीमती निवेदिता पाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री उमेश कुमार कश्यप, डॉग स्क्वॉड और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और बारीकी से जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक श्री रामगोपाल गर्ग स्वयं घटनास्थल पहुंचे और विशेष पुलिस कैंप स्थापित कर रेंज स्तरीय टीम गठित की गई।मामले की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस टीमों ने गुजरात, तमिलनाडु, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, ओडिशा, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर सहित सात राज्यों में दबिश दी। जांच के दौरान 200 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले गए, तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए और संदिग्धों से लगातार पूछताछ की गई। साइबर और आसूचना टीम भी लगातार सक्रिय रही।
जांच में टर्निंग पॉइंट तब आया जब प्रशिक्षण से लौटने के बाद पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पाण्डेय सीधे ग्राम करही पहुंचे और “ऑपरेशन हंट” की शुरुआत की। पूछताछ के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी भूषण बघेल के पास पहले भी अवैध हथियार देखा गया था। साथ ही मृतक और आरोपियों के बीच पुराने आर्थिक एवं व्यवसायिक विवाद भी सामने आए।पूछताछ में आरोपी भूषण बघेल ने खुलासा किया कि उसके भाई द्वारा लिए गए उधार के पैसों को लेकर मृतक के परिवार से लगातार विवाद चल रहा था। आरोपियों को आयुष कश्यप की बढ़ती आर्थिक स्थिति और क्षेत्र में बढ़ते प्रभाव से जलन थी। व्यवसायिक प्रतिस्पर्धा के चलते आरोपी खुद को नुकसान में महसूस कर रहे थे, जिसके बाद उन्होंने प्रतिशोध की भावना से हत्या की साजिश रची। पुलिस के मुताबिक, घटना की रात आरोपी पहले से ही मृतक के घर के आसपास मौजूद थे। उनके अन्य सहयोगियों ने पहले CCTV कैमरे तोड़े, फिर आरोपियों ने घर में घुसकर मृतक के पिता के कमरे को बाहर से बंद कर दिया। इसके बाद आयुष कश्यप के कमरे में घुसकर उस पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई गईं। बीच-बचाव करने पहुंचे छोटे भाई को भी गोली मार दी गई और वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गए। पूछताछ में गिरफ्तार तीनों आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। वहीं पुलिस अब भी मुख्य साजिशकर्ता और अन्य सहयोगियों की तलाश में जुटी हुई है।












