
डेस्क खबर खुलेआम
गणेश भोय जिला ब्यूरो जशपुर
तमता । एक तरफ आसमान से बरसती आग और दूसरी तरफ बिजली विभाग की घोर लापरवाही ने ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है। पत्थलगांव विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत तमता और आस-पास के गांवों में इन दिनों बिजली आपूर्ति ठप होने से जनता का गुस्सा सातवें आसमान पर है। भीषण गर्मी के बीच पिछले दो हफ्तों से लगातार बिजली की समस्या बनी हुई है, जिससे उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश है।ग्रामीणों ने बताया कि गुरुवार सुबह 9:30 बजे तमता बथान पारा में नया ट्रांसफार्मर लगाने के नाम पर विभाग द्वारा परमिट लिया गया था। कुछ समय के लिए बिजली काटी गई, लेकिन उसके बाद जो ट्रिपिंग हुई, उसके बाद से 5 घंटे लाइट गायब ही हो गई। उपभोक्ताओं का आरोप है कि पिछले 15 दिनों से हर दिन दोपहर के वक्त ही बिजली गायब कर दी जाती है, जिससे इस तपती गर्मी में लोग बूंद-बूंद पसीने से तर-बतर होने को मजबूर हैं।गुरुवार को तमता में साप्ताहिक बाजार का दिन था। बिजली गुल रहने की वजह से बाजार में आए लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सबसे बुरा असर स्थानीय व्यापारियों पर पड़ता है। बिजली बंद रहने से फोटोकॉपी, ऑनलाइन सेंटर और इलेक्ट्रिक दुकानों का काम पूरी तरह ठप रहा, जिससे ग्रामीणों के जरूरी काम अटक गए और व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।स्थानीय ग्रामीण संतोष होता ने बिजली विभाग की पोल खोलते हुए बताया कि यहाँ पदस्थ लाइनमैन अपनी ड्यूटी के प्रति गंभीर नहीं हैं। वे मुख्यालय (तमता) में रहते ही नहीं हैं और जरूरत पड़ने पर फोन तक नहीं उठाते। ग्रामीणों की मांग है कि या तो लाइनमैन तमता में रहकर ड्यूटी करें, या फिर विभाग किसी जिम्मेदार कर्मचारी की यहाँ पोस्टिंग करे। **अधिकारियों का पक्ष: कमियां दूर करने सर्वे के निर्देश, जल्द होगा मेंटेनेंस**इस पूरे मामले और ग्रामीणों के आक्रोश को लेकर जब डी.ई. (D.E.) अधिकारी सजेंद्र प्रसाद मरकाम से बात की गई, तो उन्होंने स्थिति को जल्द सुधारने का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा:हम व्यवस्था को ठीक करा रहे हैं। मैंने कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि आज शाम को ही फील्ड पर जाकर सर्वे करें कि कहाँ-कहाँ पर ज़्यादा दिक्कत आ रही है। उन सभी कमियों को नोट किया जाएगा। इसके बाद एक दिन का शटडाउन लेकर उन सारी कमियों को पूरी तरह दूर किया जाएगा। हमारी कोशिश है कि आगे व्यवस्था को बेहतर किया जाए। डी.ई. मरकाम ने आगे बताया, “एक बार लाइनों के पास ट्री-कटिंग (पेड़ों की छंटाई) और मेंटेनेंस का काम पूरा हो जाएगा, तो बार-बार ट्रिपिंग की समस्या खत्म होगी और व्यवस्था ठीक हो जाएगी। हम सुबह के वक्त ही 12:00 या 1:00 बजे तक मेंटेनेंस का काम खत्म करवा देंगे ताकि दोपहर की भीषण गर्मी में लोगों को परेशान न होना पड़े।अधिकारियों के इस आश्वासन के बाद भी ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही धरातल पर सुधार नहीं दिखा, ट्री-कटिंग और मेंटेनेंस के नाम पर केवल समय काटा गया, तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन और चक्काजाम करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी।












