
डेस्क खबर खुलेआम
गणेश भोय जिला ब्यूरो जशपुर
जशपुर। नाबालिग बच्चों एवं महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में जशपुर पुलिस की प्रभावी विवेचना और मजबूत अभियोजन के चलते एक आरोपी को न्यायालय से कठोर सजा मिली है। 14 वर्षीय नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर अपने साथ भगाकर ले जाने और दुष्कर्म करने के मामले में विशेष न्यायालय (एससी/एसटी एवं पॉक्सो), कुनकुरी ने आरोपी सन्नु चौहान उर्फ सोनू चौहान (32 वर्ष) को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।माननीय भानु प्रताप सिंह, विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एवं पॉक्सो), कुनकुरी ने आरोपी को धारा 6 पॉक्सो एक्ट के तहत 20 वर्ष कठोर कारावास एवं ₹1,000 अर्थदंड तथा धारा 137(2) बीएनएस के तहत 5 वर्ष कठोर कारावास एवं ₹1,000 अर्थदंड से दंडित किया है। दोनों सजाएं साथ-साथ भुगताई जाएंगी।रथ मेले से नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले गया था आरोपीमामला 28 जून 2025 का है। नाबालिग बालिका अपनी छोटी बहन के साथ रथ मेला देखने गई थी। मेला खत्म होने के बाद छोटी बहन घर लौट आई, लेकिन बड़ी बहन वापस नहीं आई। परिजनों द्वारा पूछताछ और तलाश करने पर पता चला कि सन्नु चौहान उर्फ सोनू चौहान नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। आरोपी द्वारा छोटी बहन को धमकी दिए जाने के कारण उसने तत्काल घटना की जानकारी परिजनों को नहीं दी थी।काफी तलाश के बाद भी नाबालिग का पता नहीं चलने पर उसके पिता ने 30 जून 2025 को चौकी कोल्हेनझरिया, थाना तुमला में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने तत्काल अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की।अगले ही दिन पुलिस ने नाबालिग को किया बरामदपुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की और 1 जुलाई 2025 को नाबालिग बालिका को आरोपी सन्नु चौहान के कब्जे से बरामद कर लिया। महिला पुलिस अधिकारी के समक्ष पीड़िता का कथन कराया गया, जिसमें उसने बताया कि आरोपी उसे प्यार और शादी का झांसा देकर अपने साथ ले गया तथा उसके साथ दुष्कर्म किया।पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर नजरी नक्शा तैयार किया, गवाहों के बयान दर्ज किए और आवश्यक दस्तावेज एवं वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। जब्त प्रदर्शों को एफएसएल परीक्षण के लिए भेजा गया और प्राप्त रिपोर्ट को विवेचना में शामिल किया गया।मजबूत विवेचना और सशक्त पैरवी से दोषसिद्ध हुआ आरोपीविवेचना पूरी होने के बाद आरोपी के विरुद्ध न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान तत्कालीन चौकी प्रभारी कोल्हेनझरिया स.उ.नि. टेकराम सारथी एवं उप पुलिस अधीक्षक अजाक भावेश कुमार समरथ द्वारा की गई कुशल विवेचना, वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन तथा उपलब्ध अन्य साक्ष्यों के आधार पर अभियोजन पक्ष ने प्रभावी पैरवी की।लोक अभियोजक भरत राम यादव की सशक्त पैरवी के परिणामस्वरूप विशेष न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए पॉक्सो एक्ट की धारा 6 में 20 वर्ष कठोर कारावास तथा बीएनएस की धारा 137(2) में 5 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई।न्यायालय ने दोनों सजाओं को साथ-साथ भुगताए जाने का आदेश दिया है। साथ ही दोनों धाराओं में ₹1,000-₹1,000 का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास का प्रावधान किया गया है।जशपुर पुलिस का कहना है कि नाबालिग बच्चों एवं महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में त्वरित कार्रवाई, वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन और प्रभावी अभियोजन के माध्यम से आरोपियों को कठोर सजा दिलाने की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।






