
खबर खुलेआम
धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र के मांड़ नदी स्थित डोंगाघाट में 29 अप्रैल को हुए दर्दनाक हादसे ने अब नया मोड़ ले लिया है। प्रारंभिक तौर पर इसे एक सामान्य दुर्घटना बताने की कोशिश की गई, लेकिन जैसे-जैसे मामले की परतें खुल रही हैं, वैसे-वैसे घटना को छुपाने और वास्तविक तथ्यों को दबाने की आशंका गहराती जा रही है।मिली जानकारी के अनुसार रेत लोड करने पहुंचे एक ट्रैक्टर से हुई दुर्घटना में एक युवक की मौत हो गई थी।
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने ट्रेक्टर जब्त किया

मृतक की पहचान समयलाल मांझी पिता स्वर्गीय संतराम मांझी के रूप में बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि हादसे के बाद वाहन मालिक और चालक द्वारा घटना की वास्तविक परिस्थिति को छुपाने का प्रयास किया गया तथा मृतक के परिजनों और पुलिस को भी गुमराह किए जाने की चर्चा क्षेत्र में तेज है। सूत्रों के अनुसार पुलिस अब पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है और घटना की वास्तविक हकीकत सामने लाने में जुटी हुई है।

बताया जा रहा है कि प्रारंभिक तथ्यों और स्थानीय स्तर पर मिल रही जानकारियों के बाद पुलिस का संदेह गहरा गया है। यदि जांच में साक्ष्य छुपाने या भ्रामक जानकारी देने की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों पर बड़ी कानूनी कार्रवाई हो सकती है। इधर घटना से जुड़े ट्रैक्टर वाहन पर “लक्ष्मीपुर” गांव का नाम स्पष्ट रूप से लिखा होना भी चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं स्थानीय सूत्रों का दावा है कि उक्त ट्रैक्टर के मालिक फुलजेंस मिंज हैं, जो प्रेमनगर गांव के निवासी बताए जा रहे हैं तथा जमरगीडी के शासकीय हाईस्कूल में शिक्षक पद पर पदस्थ हैं। हालांकि पुलिस द्वारा अभी आधिकारिक रूप से किसी की भूमिका की पुष्टि नहीं की गई है।घटना के बाद क्षेत्र में कई सवाल हवा में तैर रहे हैं, क्या हादसे की असली कहानी छुपाई गई? क्या दुर्घटना के बाद साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ हुई ? और आखिर किन कारणों से पुलिस व परिजनों को भ्रमित करने की कोशिश की गई? फिलहाल धरमजयगढ़ पुलिस मामले की तह तक पहुंचने में जुटी हुई है। आने वाले दिनों में जांच के बाद कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।












