
खबर खुलेआम
विशेष सहयोगी राजू यादव धरमजयगढ़ से
धरमजयगढ़। बहुप्रतीक्षित मल्का जल विद्युत परियोजना से जुड़ा विवाद अब कानूनी दहलीज तक पहुंच गया है। परियोजना संचालन को लेकर लंबे समय से चल रहे आरोप-प्रत्यारोप के बीच थाना धरमजयगढ़ पुलिस ने शिकायत की जांच पूरी करने के बाद एक व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296 एवं 115 के तहत एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है। एफआईआर दर्ज होने के बाद पूरे क्षेत्र में इस मामले को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।जानकारी के अनुसार, धनवाड़ा पावर एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड की ओर से थाना धरमजयगढ़ में विस्तृत शिकायत प्रस्तुत की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि परियोजना से पूर्व में जुड़े एक व्यक्ति द्वारा कंपनी की गतिविधियों में व्यवधान उत्पन्न करने, अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर दबाव बनाने तथा परियोजना के कार्यों को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा था।पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद दोनों पक्षों को सुनते हुए दस्तावेजों और उपलब्ध तथ्यों की जांच की। जांच के दौरान संबंधित व्यक्तियों के बयान भी दर्ज किए गए। प्रारंभिक जांच में मिले तथ्यों के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की विवेचना शुरू कर दी है।प्रथम सूचना रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के एजीएम विवेक सिंह ने शिकायत में उल्लेख किया है कि रोहित राज श्रीवास्तव पूर्व में कंपनी में लाइजनिंग कार्य का दायित्व संभालते थे। कंपनी का दावा है कि वर्ष 2025 में उनकी कार्यशैली एवं व्यवहार के कारण उन्हें कार्य से पृथक कर दिया गया था। इसके बाद संबंधित व्यक्ति द्वारा विभिन्न लोगों के माध्यम से आरटीआई आवेदन लगाकर कंपनी और कई शासकीय विभागों की कार्यप्रणाली को प्रभावित करने का प्रयास किए जाने का आरोप लगाया गया है।शिकायत में यह भी कहा गया है कि कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों पर कथित रूप से मानसिक दबाव बनाया जा रहा था तथा ग्रामीणों को भड़काकर परियोजना के खिलाफ विरोध का माहौल तैयार करने की कोशिश की जा रही थी। कंपनी का दावा है कि यदि ऐसी गतिविधियां जारी रहती हैं तो परियोजना के संचालन, निवेश और विकास कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, जिससे बड़े आर्थिक नुकसान की आशंका है।वहीं, पुलिस का कहना है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद मामले की विवेचना जारी है और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों एवं तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल, मल्का पावर परियोजना से जुड़ा यह मामला धरमजयगढ़ क्षेत्र में चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और आगामी कानूनी प्रक्रिया पर टिकी हैं, जिससे पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।









