
डेस्क खबर खुलेआम
घरघोड़ा।जिले के घरघोड़ा उपकोषालय में रिश्वतखोरी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने पूरे प्रशासनिक तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि उपकोषालय में पदस्थ अधिकारी मुकेश नायक ने एक महिला कर्मचारी से मेडिकल बिल पास कराने के एवज में रिश्वत की मांग की और अंततः 5000 रुपये वसूल लिए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता राजेश कुमार पटनायक ने बताया कि उनकी पत्नी सिम्मी पटनायक (सहायक ग्रेड-03) ने सिजेरियन डिलीवरी के बाद 44,425 रुपये का मेडिकल क्लेम प्रस्तुत किया था। आरोप है कि बिल पास करने के लिए संबंधित अधिकारी ने 20 प्रतिशत कमीशन की मांग की।


शिकायत के मुताबिक, पहले 10,000 रुपये की मांग की गई, जिसे बाद में 8000 रुपये तक कम किया गया और अंततः दबाव बनाकर 5000 रुपये ले लिए गए। खास बात यह है कि यह लेन-देन डिजिटल माध्यम से किया गया। आरोप है कि व्हाट्सएप के जरिए नंबर भेजकर फोनपे के माध्यम से राशि ट्रांसफर कराई गई, जिसके बैंक स्टेटमेंट, चैट और कॉल रिकॉर्डिंग जैसे सबूत भी मौजूद बताए जा रहे हैं। सूत्रों का यह भी दावा है कि क्षेत्र के विभिन्न विभागों में बिल पास कराने के लिए कमीशन लेने की यह प्रथा आम हो चुकी है।

कई मामलों में फाइलों को जानबूझकर लंबित रखा जाता है, जिससे संबंधित कर्मचारियों पर दबाव बनाया जा सके। पीड़ित पक्ष ने इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री और कलेक्टर रायगढ़ से की है तथा निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारी पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो भ्रष्टाचार और अधिक बढ़ेगा।फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब देखना होगा कि शिकायत पर क्या कार्रवाई होती है और दोषियों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं।














