---Advertisement---

नन्हे हाथी शावक की पोटाश बम की चपेट में आने ने हुई मौत

By Khabar Khule Aam Desk

Published on:

Follow Us
Advertisement Carousel
---Advertisement---
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

डेस्क खबर खुलेआम

पुरे प्रदेश में हांथी मानव द्वन्द थमने का नाम नहीं ले रहा आये दिन हांथी नहीं तो मानव की मौत की घटना आम हो गई है बता दे आज गरियाबंद से बड़ी खबर निकलकर सामने आई है जिसमे नन्हे हांथी शावक की मौत हो गई है जानकारी अनुसार सीतानदी टाइगर रिजर्व से वन्यप्राणी प्रेमियों के लिए दुखद खबर है पोटाश बम की चपेट में आने से एक माह से दर्द लिए ठोकरें खाते हुए घूम रहे नन्हे हाथी शावक की मौत हो गई है। बता दें कि वन्यप्राणियों के शिकार के लिए रखे पोटाश बम को हाथी शावक ने खा लिया था, जिससे कि गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसकी दो दिनों से तबियत और बिगड़ गई थी। इसके इलाज के लिए रिजर्व प्रशासन और वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट अपनी टीम के साथ जुटे हुए थे, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हो पाया और हाथी शावक अघन ने शनिवार की दोपहर 03:35 बजे आखिरी सांस ली। विभाग के उपनिदेशक वरुण जैन ने हाथी शावक की मौत की पुष्टि की है।मालूम हो कि माहभर पहले वन्यप्राणियों के शिकार के लिए लगाए गए पोटाश बम को नन्हे हाथी शावक ने खा लिया था, जिससे कि उसके जबड़े और पैर में चोटें आई थी। जानकारी मिलते ही वन अमला हाथी शावक की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी हुई थी। घायल हांथी के इलाज के लिए डॉक्टर्स एवं ट्रैकर्स ड्रोन के माध्यम से मॉनिटरिंग भी कर रहे थे।

बताना लाजिमी होगा कि घटना के लगभग 20 दिनों बाद घायल हाथी शावक का इलाज किया गया, जहां हाथियों के झुंड के साथ ही शावक की मां ने भी उसे अकेले छोड़ दिया था। शावक को ट्रेंकुलाइज कर उसका इलाज किया गया, उसके बाद स्थिति में थोड़ा सुधार आने लगा, जिसके बाद रिजर्व प्रशासन ने राहत की सांस ली थी। लेकिन अचानक शावक की तबियत बिगड़ गई थी, जिसको लेकर विभाग सहित डॉक्टर्स की टीम लगी हुई थी।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक हाथी शावक दो दिन पहले रिसगांव रेंज से तौरेंगा रेंज पहुंचा हुआ है। पोटाश बम चबाने से जीभ व मुंह में आई जख्म लाख कोशिशों के बावजूद ठीक नहीं हो सका था। सूजन बढ़ने के कारण हाथी अब कुछ भी नहीं खा पा रहा था। शावक काफी कमजोर होने से ठीक से खड़ा भी नहीं हो पा रहा था। सोए हालत में ही हाथी का उपचार जारी था। हाथी के दयनीय स्थिति को लेकर अफसर चिंतित थे। विभाग के हर प्रयास के बावजूद भी शावक को आखिरकार नहीं बचाया जा सका। शावक की मौत से वन विभाग में शोक की लहर है।

Khabar Khule Aam Desk

Khabar khuleaam.com एक हिंदी न्यूज पोर्टल है ,पोर्टल में छत्तीसगढ़ राज्य की खबरें प्राथमिकता के साथ प्रकाशित की जाती है जिसमें जनहित की सूचनाएं प्रकाशित की जाती है।

Leave a Comment