
खबर खुलेआम
रायगढ़। NTPC तलाईपाली परियोजना से प्रभावित आठ गांवों के ग्रामीण आज अपनी दस सूत्रीय मांगों को लेकर रायकेरा स्थित NTPC तलाईपाली कार्यालय के सामने धरने पर बैठे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि परियोजना के लिए जमीन जाने के बाद भी कई परिवारों को पुनर्वास, रोजगार और मुआवजे से जुड़े अधिकारों का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाया है।प्रभावित किसान और युवा लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर आज प्रशासन और NTPC प्रबंधन के समक्ष अपनी बात रख रहे हैं। इसी बीच आज प्रशासन, NTPC प्रबंधन और प्रभावित ग्रामीणों के बीच त्रिपक्षीय वार्ता भी प्रस्तावित है, जिसमें ग्रामीण अपनी मांगों और लंबित मामलों पर स्पष्ट जवाब मांगेंगे।

दस मांगों को लेकर ग्रामीणों का दबावप्रभावित परिवारों की प्रमुख मांगों में पुनर्वास नीति के तहत पात्र परिवारों को रोजगार, NTPC तथा VPR में प्रभावितों को रोजगार में प्राथमिकता, तेंदूपत्ता कार्डधारियों को उचित मुआवजा तथा भूमि मुआवजे की दर और प्रक्रिया की पुनः जांच शामिल है।ग्रामीणों ने ग्राम विकास परामर्श समिति में हुई सहमति की निष्पक्ष जांच, विवादित अथवा कथित फर्जी सहमति दस्तावेजों की जांच और दोषी पाए जाने पर वैधानिक कार्रवाई की मांग भी रखी है।इसके अलावा सभी पात्र प्रभावित परिवारों को PAP कार्ड जारी करने, मुआवजा, अवार्ड, सहमति, पुनर्वास और रोजगार से संबंधित मूल रिकॉर्ड सार्वजनिक करने तथा पूर्व में दिए गए आवेदनों और ज्ञापनों का निराकरण करने की मांग की गई है।ग्रामीणों का कहना है कि समान परिस्थितियों वाले प्रभावित परिवारों के साथ समान और पारदर्शी व्यवहार होना चाहिए। यदि किसी परिवार को लाभ मिला है और दूसरे समान रूप से प्रभावित परिवार को नहीं मिला, तो इसका आधार भी स्पष्ट किया जाना चाहिए।
प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि उनका संघर्ष केवल मुआवजे तक सीमित नहीं है। उनका मुद्दा जल, जंगल, जमीन, रोजगार, मुआवजा और पुनर्वास से जुड़ा है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि वे लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें प्रशासन के सामने रखेंगे, लेकिन लंबित मांगों पर स्पष्ट समाधान चाहते हैं। मीडिया कवरेज को लेकर भी सवालधरना स्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार NTPC PRO की ओर से मीडिया कवरेज को लेकर “Media is not allowed” कहे जाने की बात सामने आई है। इसको लेकर ग्रामीणों और स्थानीय पत्रकारों के बीच चर्चा रही। हालांकि, इस संबंध में NTPC प्रबंधन की आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है।ऐसे में आज होने वाली त्रिपक्षीय वार्ता पर सभी की नजरें टिकी हैं। प्रभावित परिवारों को उम्मीद है कि बैठक में उनकी दस सूत्रीय मांगों पर केवल आश्वासन नहीं, बल्कि समयबद्ध कार्रवाई और स्पष्ट निर्णय सामने आएगा।अब नजर त्रिपक्षीय वार्ता परNTPC तलाईपाली परियोजना से जुड़े पुनर्वास, रोजगार और मुआवजे के मुद्दे लंबे समय से प्रभावित परिवारों के लिए महत्वपूर्ण रहे हैं। आज का धरना इन मुद्दों को एक बार फिर प्रशासन और परियोजना प्रबंधन के सामने प्रमुखता से लेकर आया है।अब देखना होगा कि प्रशासन–NTPC–ग्रामीणों की त्रिपक्षीय वार्ता में दस मांगों पर क्या सहमति बनती है और प्रभावित परिवारों को आगे की कार्रवाई के लिए क्या आश्वासन या निर्णय मिलता है।प्रभावित ग्रामीणों का संदेश साफ है—संघर्ष शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन अपने अधिकारों और लंबित मांगों को लेकर वे पीछे हटने के मूड में नहीं हैं।




