
खबर खुलेआम
रायगढ़ / घरघोड़ा स्थित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने प्राणघातक हमले के एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपी को कठोर सजा दी है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अभिषेक शर्मा ने आरोपी प्रताप बरवा को दोषी ठहराते हुए सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। प्रकरण थाना छाल के अपराध क्रमांक 128/2019 से संबंधित है। घटना 4 अगस्त 2019 की रात करीब 10 बजे की है, जब घनाराम और परश राम नावापारा छाल मेन रोड से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान विवेकानंद कॉन्वेंट स्कूल के पास आरोपी प्रताप बरवा ने उनकी मोटरसाइकिल रोक ली। पुरानी रंजिश को लेकर आरोपी ने पहले गाली-गलौज की और फिर जान से मारने की धमकी देते हुए हॉकी स्टिक से हमला कर दिया। इस हमले में घनाराम को गर्दन और कमर में गंभीर चोटें आईं, जबकि परश राम के हाथ और शरीर में चोट लगी।घटना के दौरान मौके पर मौजूद विमल राठिया और स्वप्निल सारथी ने बीच-बचाव किया और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। प्रार्थी शैलेष यादव की सूचना पर तत्कालीन उप निरीक्षक हुलस राम जायसवाल ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के बाद आरोपी के खिलाफ धारा 307, 323, 341, 294 और 506 (बी) के तहत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार दिया। कोर्ट ने धारा 307 के तहत 7 वर्ष, धारा 323 के तहत 6 माह, धारा 294 के तहत 1 माह और धारा 506 (बी) के तहत 6 माह के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही कुल 4500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। मामले में राज्य की ओर से अपर लोक अभियोजक राजेश सिंह ठाकुर ने पैरवी की।













