
खबर खुलेआम
रायगढ़, 02 सितंबर 2026* । कलेक्टर रायगढ़ श्री मयंक चतुर्वेदी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में कापू पुलिस ने जमीन संबंधी गंभीर धोखाधड़ी के दो मामलों में फरार मुख्य आरोपित तत्कालीन पटवारी राकेश साय को गिरफ्तार किया है। आरोपित पर पण्डो जनजाति की भूमि को फर्जी तरीके से गैर-आदिवासी के नाम विक्रय कराने तथा ग्राम पंचायत रायमेर की शासकीय भूमि के फर्जी दस्तावेज और पट्टे तैयार कर दलालों के माध्यम से रजिस्ट्री कराने के गंभीर आरोप हैं।अपराध दर्ज होने के बाद से आरोपी फरार था। “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान के दौरान कापू पुलिस को आरोपी के ग्राम गनपतपुर में देखे जाने की सूचना मिली।
रायगढ़ एसएसपी शशिमोहन सिंह 👇🏼👇🏼
सूचना पर पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर आरोपी राकेश साय को हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से दोनों मामलों में प्रयुक्त एक लैपटॉप और एक प्रिंटर मशीन भी जब्त की गई है। दोनों प्रकरणों में शामिल अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार प्रयासरत है।पहले मामले में ग्राम डुमरनारा की भूमि खसरा नंबर 409 को लेकर जांच में सामने आया कि यह भूमि पूर्व से पण्डो जनजाति के सदस्यों के नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज रही है। जांच के दौरान वर्ष 2023-24 के अभिलेखों में बिना सक्षम अधिकारी के आदेश के भूमि को सुखन पिता बजरंग, जाति रावत के नाम दर्ज किया जाना पाया गया। इसके बाद 21 फरवरी 2024 को उक्त भूमि को संतोष देवी गुप्ता, निवासी रायपुर के नाम रजिस्टर्ड विक्रय पत्र के माध्यम से विक्रय किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि जिस व्यक्ति को विक्रेता के रूप में प्रस्तुत किया गया, उसका वास्तविक नाम सुखन राठिया पिता धनाराम, जाति कंवर है। दस्तावेजों के सत्यापन में फर्जी आधार कार्ड के उपयोग की बात भी सामने आई। तत्कालीन हल्का पटवारी राकेश कुमार साय द्वारा दोनों जमीनों के विक्रय के लिए चौहद्दी प्रदान किए जाने की बात जांच में सामने आई है। दिनांक 07.07.2026 को प्रार्थी श्री उन्मेश पटेल तहसीलदार, तहसील कार्यालय कापू के द्वारा थाना कापू में रिपोर्ट दर्ज कराया गया । जांच पर उक्त रजिस्ट्री में संलिप्त विक्रेता सुखन पिता धनाराम, जाति कवंर, निवासी ग्राम बकालो. क्रेता संतोष देवी गुप्ता पति मनोज गुप्ता, निवासी रायपुर, साक्षी संतन राठिया पिता सोन सिंह राठिया, जाति कंवर, निवासी बकालो, जीवन वर्धन पिता भीमो यादव, जाति महकुल, निवासी जबगा के विरुद्ध फर्जी तरीका अपनाये जाने में पूर्ण रूप से दोषीदार एवं तत्कालीन हल्का पटवारी राकेश कुमार साय की भूमिका संदिग्ध पायी गई जिस पर थाना-कापू अपराध क्रमांक 108/2026 धारा 419, 420, 467, 468, 471, 120 (बी) भा.द.वि. दर्ज किया गया ।दूसरे मामले में भी दिनांक 11.08.2026 को प्रार्थी श्री उन्मेश पटेल तहसीलदार, तहसील कार्यालय कापू के द्वारा थाना कापू में रिपोर्ट दर्ज कराया इस मामले में ग्राम पंचायत रायमेर की शासकीय भूमि को फर्जी तरीके से निजी व्यक्तियों के नाम दर्ज कराकर पट्टा तैयार करने और उसके बाद दलालों के माध्यम से फर्जी रजिस्ट्री कराने की शिकायत पर जांच की गई। जांच में खसरा नंबर 467/23, 467/25 एवं 467/36 की शासकीय भूमि को कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर अन्य व्यक्तियों को अवैधानिक रूप से अंतरित किए जाने की जानकारी सामने आई। इस प्रकरण में तत्कालीन पटवारी राकेश साय, मुकारधारी कैलाश कुमार जेठवानी, विक्रेता उजितराम तथा अनुप्रमाणक साक्षियों सहित अन्य व्यक्तियों की भूमिका की जांच की जा रही है। एसडीएम धरमजयगढ़ के निर्देश पर तहसीलदार कापू के जांच प्रतिवेदन के आधार पर थाना कापू में अपराध क्रमांक 131/2026, धारा 420, 467, 468, 471, 120(बी) भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।दोनों प्रकरणों में अपराध दर्ज होने के बाद मुख्य आरोपी पटवारी राकेश साय फरार चल रहा था। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कापू पुलिस द्वारा आरोपी की लगातार तलाश की जा रही थी। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर कापू पुलिस ने आरोपी राकेश साय पिता शशिभूषण साय 45 साल निवासी निवासी सिविल लाईन धरमजयगढ, तत्कालीन पटवारी को ग्राम गनपतपुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से लैपटॉप एवं प्रिंटर जब्त कर पुलिस द्वारा प्रकरण में उनकी भूमिका और दस्तावेजों की कूटरचना से संबंधित साक्ष्यों की जांच की जा रही है। दोनों मामलों में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। प्रकरण में संलिप्त अन्य आरोपियों को भी शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन, एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्धांत तिवारी के सुपरविजन में कार्रवाई की गई। फरार आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी कापू निरीक्षक दाताराम तिर्की, एएसआई मंजु मिश्रा (थाना धरमजयगढ़), प्रधान आरक्षक सोमेश गोस्वामी, लक्ष्मी कैवर्त, आरक्षक विभूति सिंह, कन्हैया भगत, प्रीतम तिर्की, संजीव पटेल एवं आरक्षक मयाराम राठिया (थाना धरमजयगढ़) की अहम भूमिका रही।








