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पुटु बीनने गए युवक पर बाघ का हमला .. हुई मौत .. साथी ने भागकर ..

By Khabar Khule Aam Desk

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डेस्क खबर खुलेआम

लोरमी/मुंगेली। अचानकमार टाइगर रिजर्व के बफर जोन में सोमवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई।करील-पुटू और जंगली दवाई लेने जंगल गए एक युवक पर बाघिन ने हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि जिस क्षेत्र में यह घटना हुई, वहां बाघिन अपने तीन शावकों के साथ मौजूद थी। घटना के बाद बांधा और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है।

जानकारी के मुताबिक ग्राम बांधा निवासी धरमजीत अपने भाई दशरथ और अन्य साथियों के साथ जंगल में करील-पुटू एवं जंगली दवाई की तलाश में गया था। इसी दौरान वह अपने साथियों से अलग हो गया। कुछ देर बाद जंगल की ओर से युवक की चीख और जंगली जानवर की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर साथी जब मौके की ओर पहुंचे तो सामने बाघिन और उसके तीन शावक मौजूद थे।मृतक के भाई दशरथ के मुताबिक, बाघिन ने धरमजीत पर हमला कर दिया था। जब उन्होंने उसे बचाने की कोशिश की तो बाघिन उनकी ओर भी झपटने लगी।

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जान बचाने के लिए वे पीछे हट गए और गांव में फोन कर घटना की जानकारी दी। इसके बाद ग्रामीणों और वन विभाग की टीम को सूचना दी गई। हालांकि टीम के पहुंचने तक युवक की मौत हो चुकी थी। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार युवक के गर्दन पर गंभीर चोट के निशान मिले हैं। प्रथम दृष्टया माना जा रहा है कि शावकों के साथ मौजूद बाघिन ने खतरा महसूस होने पर युवक पर हमला किया।अचानकमार टाइगर रिजर्व के एसडीओ समीर जोनाथन के मुताबिक क्षेत्र में दो से तीन टाइगर की मूवमेंट की जानकारी है। इसी क्षेत्र में एक बाघिन द्वारा शावकों को जन्म दिए जाने की भी जानकारी सामने आई है। ऐसे में शावकों की सुरक्षा को लेकर बाघिन के आक्रामक होने की आशंका जताई जा रही है।इस घटना ने अचानकमार टाइगर रिजर्व की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जब क्षेत्र में बाघिन और उसके शावकों की मौजूदगी की जानकारी थी, तो ग्रामीण संवेदनशील क्षेत्र तक कैसे पहुंचे? क्या जंगल में जाने वाले लोगों की निगरानी के लिए पर्याप्त व्यवस्था थी? क्या संवेदनशील इलाकों में पहले से चेतावनी और निगरानी बढ़ाई गई थी? वन विभाग का कहना है कि मानसून के दौरान विशेष पेट्रोलिंग बढ़ाई गई है। वन्यजीवों की मूवमेंट वाले क्षेत्रों में ट्रैप कैमरे लगाए जा रहे हैं। वहीं बांधा और आसपास के गांवों में मुनादी कराकर लोगों को जंगल में नहीं जाने की चेतावनी दी जा रही है। वन विभाग के मुताबिक शासन के नियमानुसार परिवार को तत्काल 25 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी, जबकि 6 लाख रुपये मुआवजा दिए जाने की बात कही गई है।

Khabar Khule Aam Desk

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