
डेस्क खबर खुलेआम
कसडोल/खर्वे।गांव में एक के बाद एक मौतें हो रही थीं। हर मौत के बाद मातम था, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि इन मौतों के पीछे कोई बीमारी नहीं, बल्कि एक ऐसा शातिर हत्यारा है जो हर अंतिम यात्रा में शामिल होकर खुद को बेगुनाह साबित करता रहा। चार महीने तक चले इस खामोश कत्लेआम का पर्दाफाश होते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।थाना कसडोल के ग्राम खर्वे में फरवरी से मई 2026 के बीच हुई 8 रहस्यमयी मौतों की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने गांव के ही रामसहाय जायसवाल (46 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने प्रतिशोध, मानसिक कुंठा और पुरानी रंजिशों के चलते अपने ही परिचितों को मौत के घाट उतार दिया।पहले कुत्ते पर किया जहर का ट्रायल, फिर इंसानों को बनाया निशानापुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपी ने सबसे पहले “सुहागा” नामक जहरीले पदार्थ का प्रयोग एक कुत्ते पर किया। परीक्षण सफल होने के बाद उसने अपने परिचित लोगों को शराब में जहर मिलाकर पिलाना शुरू कर दिया। शराब की बोतल बनी मौत का हथियारआरोपी अपने परिचितों को बैठाकर शराब पिलाता था और उसमें सुहागा मिलाकर मौत का जाल बिछाता था।

हैरानी की बात यह है कि हर मौत के बाद वह खुद पीड़ितों को अस्पताल पहुंचाने, अंतिम संस्कार और कफन-दफन तक में शामिल होता था ताकि किसी को उस पर शक न हो।छोटी-छोटी बातों पर ले ली 8 जिंदगियांकिसी ने गाली दी थी, किसी से जमीन का विवाद था, किसी पर पत्नी को लेकर शक था, किसी पर टोना-टोटका करने का भ्रम था, तो किसी से कर्ज का हिसाब चुकाना था। इन्हीं कारणों को लेकर आरोपी ने एक-एक कर आठ लोगों को मौत के घाट उतार दिया।ग्रामीणों की शिकायत बनी सुराग6 जून 2026 को ग्रामीणों ने एसडीओपी कसडोल को आवेदन देकर लगातार हो रही मौतों पर संदेह जताया। ग्रामीणों ने सीधे रामसहाय जायसवाल का नाम लिया। इसके बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया और सात शवों का उत्खनन कर पोस्टमार्टम के लिए रायपुर भेजा गया। एक मृतक का पहले ही अंतिम संस्कार हो चुका था।पुलिस को गुमराह करता रहा आरोपी पूछताछ के दौरान आरोपी लगातार खुद को निर्दोष बताता रहा, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों, ग्रामीणों के बयानों और कड़ी पूछताछ के सामने आखिरकार उसका झूठ टूट गया। उसने एक-एक हत्या की पूरी कहानी पुलिस को बताई और अपना अपराध स्वीकार कर लिया।08 हत्या और 01 हत्या के प्रयास का मामला दर्जपुलिस ने आरोपी के खिलाफ 8 हत्या और 1 हत्या के प्रयास सहित कुल 9 गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज किए हैं। प्रदेश के बहुचर्चित इस मामले की जांच में पुलिस ने सूझबूझ, तकनीकी साक्ष्य और सतत निगरानी के जरिए सफलता हासिल की है।












