
खबर खुलेआम
रायगढ़, 16 जून। कोतरारोड थाना क्षेत्र के आबकारी एक्ट मामले में गिरफ्तार बंदी संजय बघेल की मौत के बाद परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है। परिजनों ने पुलिस पर मारपीट करने और अवैध रूप से रुपये लेने का आरोप लगाया है। वहीं शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला पुलिस ने मामले की जांच में शामिल दो पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया है।
मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा 👇🏼
पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच जारी है।पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने सोमवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मामले से जुड़े सीसीटीवी फुटेज, मेडिकल रिपोर्ट और कार्रवाई का पूरा घटनाक्रम मीडिया के सामने रखा। एसएसपी ने बताया कि 10 जून 2026 को मुखबिर की सूचना पर कोतरारोड पुलिस ने अरसीपाली चौक के पास से संजय बघेल को 30 लीटर कच्ची महुआ शराब के साथ गिरफ्तार किया था। आरोपी को दोपहर 12:43 बजे थाना लाया गया और सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद 14:15 बजे विधिवत गिरफ्तार किया गया।पुलिस के अनुसार थाना परिसर के सीसीटीवी फुटेज में संजय बघेल को सामान्य स्थिति में देखा जा सकता है। फुटेज में उसे पानी और भोजन उपलब्ध कराते हुए भी दिखाया गया है। गिरफ्तारी की सूचना मिलने पर उसके परिजन थाना पहुंचे, जहां उसने अपने परिजनों से बातचीत भी की। शाम को मेडिकल परीक्षण और न्यायालयीन प्रक्रिया पूरी कर उसे जेल भेजा गया।


पुलिस का दावा है कि पूरे घटनाक्रम के दौरान आरोपी के साथ किसी प्रकार की मारपीट या अभद्रता नहीं की गई।एसएसपी ने बताया कि मेडिकल जांच के दौरान भी संजय बघेल ने किसी चोट या शारीरिक परेशानी की शिकायत नहीं की थी तथा चिकित्सकीय रिपोर्ट में उसे फिट बताया गया था। वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर मिले चोट के निशानों को मृत्यु का कारण नहीं माना गया है। मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच और विसरा परीक्षण कराया जा रहा है।हालांकि, मृतक के परिजनों द्वारा पुलिसकर्मियों पर रुपये लेने के लगाए गए आरोपों को देखते हुए जांच अधिकारी प्रधान आरक्षक श्यामदेव साहू और आरक्षक शंभू चौहान को लाइन अटैच कर दिया गया है। इस शिकायत की विस्तृत जांच डीएसपी मुख्यालय द्वारा की जा रही है।पुलिस का कहना है कि मामले की न्यायिक जांच जारी है और जांच रिपोर्ट आने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। जिला पुलिस प्रशासन ने न्यायिक जांच में पूर्ण सहयोग देने की बात कही है।संजय बघेल की मौत को लेकर जहां परिजनों के आरोपों ने कई सवाल खड़े किए हैं, वहीं पुलिस अपने पक्ष में सीसीटीवी फुटेज और मेडिकल दस्तावेजों का हवाला दे रही है। अब सभी की नजरें न्यायिक जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जिससे मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।












