
खबर खुलेआम
छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा हाथियों के सुरक्षित रखने के लिए योजना बनाकर मैदान मे करोड़ों रूपये खर्च करने के बाद भी हाथियों की जान बचाने मे कही न कही वन विभाग बेबस नजर आ रहा है। रायगढ़ जिले मे हाथियों की मौत का सिलसिला लगातार जारी है। रायगढ़ जिला के धरमजयगढ़ वन मंडल में आज फिर एक शावक हाथी की मौत होने से वन विभाग में हड़कंप मच गया है। हाथियों की सुरक्षा के लिए कैम्प मद से करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के दावों के बीच लगातार हो रही मौतों ने विभागीय व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने भी वन विभाग के सुस्ती का आरोप लगाते हुए किये जा रहे सुरक्षा उपायों पर गंभीर चिंता जताते हुए अन्य गंभीर आरोप लगाये जा रहें है। बता दे की क्षेत्र मे 38 हाथियों का दल क्षेत्र मे विचरण कर रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार 23 मई को धरमजयगढ़ के छाल रेंज के लोटन बीट में एक शावक हाथी का शव मिला। शव मिलने की जानकारी से वन विभाग मे हड़कंप मच गया वही विभाग के आला अधिकारी कर्मचारी भागे भागे मौके पर पहुंचे है। बताया जा रहा है कि पानी से भरे दलदल में फंसने के कारण उसकी मौत हुई है। मृत शावक की उम्र करीब दो वर्ष बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई और शावक को दलदल से बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा है। शव बाहर निकालने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बताया जा रहा है कि रायगढ़ जिले में पिछले एक महीने के भीतर चार शावक हाथियों की मौत हो चुकी है, जिनमें से तीन मौतें केवल धरमजयगढ़ वन मंडल में हुई हैं। लगातार हो रही घटनाओं से वन विभाग की कार्यप्रणाली और हाथियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।













