
डेस्क खबर खुलेआम
मनेंद्रगढ़/जनकपुर। जंगल में महुआ बीनने गए एक ग्रामीण की हाथी के हमले में मौत हो जाने से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। घटना के बाद ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।जानकारी के अनुसार, गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत खोहरा, थाना कोटाडोल निवासी प्रेमलाल अपनी पत्नी सुंदरवती के साथ महुआ चुनने जंगल गए थे। शाम करीब 5 बजे जब दोनों वापस लौट रहे थे, तभी खोहरा पाठ जंगल के भीतर लगभग 3 किलोमीटर अंदर उनका सामना एक जंगली हाथी से हो गया।अचानक सामने आए हाथी को देख दोनों ने भागने की कोशिश की, लेकिन हाथी ने प्रेमलाल को दौड़ाकर पकड़ लिया और बेरहमी से कुचल दिया। इस दर्दनाक हमले में प्रेमलाल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी किसी तरह जान बचाकर भागने में सफल रही।यह घटना डाकई पारा के पास, बिड़ला कंपनी वाली सड़क नौगई मार्ग पर खाई के समीप हुई।

हादसे के बाद से यह मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया है और आसपास के गांवों में भय और दहशत का माहौल बना हुआ है।ग्राम पंचायत खोहरा के उपसरपंच चंद्र प्रताप ने वन विभाग पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि क्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी की कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई, न ही मुनादी कराई गई और न ही ग्रामीणों को जंगल में जाने से रोका गया।ग्रामीणों के मुताबिक, घटना के 12 से 14 घंटे बाद वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, जिससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है। साथ ही पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता राशि नहीं दिए जाने से भी आक्रोश बढ़ता जा रहा है।फिलहाल इलाके में दहशत का माहौल है और ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल मुआवजा एवं सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।












