

खबर खुलेआम
प्रमोद प्रधान लैलूंगा संवाददाता
जिपं उपाध्यक्ष दीपक सिदार के प्रयास से बहुप्रतीक्षारत कुंजारा,गमेकेला मार्ग पर 4.81 करोड़ की पुलिया को मिली मंजूरी**लैलूंगा*क्षेत्र के विकास को नई दिशा देने वाली एक बड़ी सौगात पर जिपं उपाध्यक्ष दीपक सिदार ने क्षेत्रवासियों के सपने को सच करकर दिखा दिया। कुंजारा–गमेकेला मार्ग पर खारुन नदी में 4.81 करोड़ रुपये की लागत से पुलिया निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इस बहुप्रतीक्षित पुलिया के निर्माण से गमेंकेला, जतरा तथा आसपास के ग्रामीण अंचलों के लोगों को आवागमन में भारी राहत मिलेगी और वर्षों पुरानी कठिनाई का स्थायी समाधान होगा।अब तक गमकेला, जतरा और आसपास के गांवों के ग्रामीणों को लैलूंगा जनपद मुख्यालय, थाना, अस्पताल, कॉलेज तथा अन्य आवश्यक शासकीय सेवाओं तक पहुंचने के लिए पाकरगांव होते हुए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। बरसात के दिनों में यह समस्या और भी विकराल हो जाती थी, जिससे ग्रामीणों को काफी परेशानी उठानी पड़ती थी।लेकिन खारुन नदी पर पुलिया बन जाने के बाद गमेकेला से कुंजारा होते हुए लैलूंगा की दूरी अब मात्र लगभग 3 किलोमीटर रह जाएगी, जिससे क्षेत्र में आवागमन, शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक सेवाओं तक पहुंच बेहद आसान हो जाएगी।किसानों और ग्रामीणों को मिलेगा सबसे बड़ा लाभयह पुलिया केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि ग्रामीण जीवन और कृषि व्यवस्था को सशक्त करने वाला महत्वपूर्ण आधारभूत विकास कार्य साबित होगा। युवाओं के फायरब्रांड व चर्चित नेता जिला पंचायत उपाध्यक्ष दीपक सिदार अपने विकास कार्यों के लिए फिर से एक बार सुर्खियां बटोर रहे हैं। उक्त पुलिया के अभाव मेंकुंजारा और आसपास के किसानों को बरसात के मौसम में खेतों तक पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। खेतों तक बैल, ट्रैक्टर, कृषि उपकरण और मवेशियों को ले जाना लगभग असंभव हो जाता था।अब पुलिया निर्माण के बाद कृषि कार्यों में तेजी आएगी, खेतों तक पहुंच सुगम होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। विकास की इस ऐतिहासिक ईबारत लिखने में जिप उपाध्यक्ष दीपक सिंदारकी महती भूमिकाओं मानी जा रही जहां ग्रामीणों को एकजूट कर वित्तमंत्री ओपी चौधरी को दूरभाष के माध्यम से संवाद करा कर उक्त समस्या से अवगत कराया था जिसके बाद मंत्री ओपी चौधरी ने ग्रामीणों से संवाद कर उक्त पुलिया को स्वीकृत कराया। साथ ही गांव के कई दानवीरों और जागरूक ग्रामीणों ने स्वेच्छा से अपनी निजी भूमि दान कर जनहित और विकास के प्रति अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया है।इन दानदाताओं ने यह साबित कर दिया कि जब समाज विकास के लिए एकजुट होता है, तो बड़े से बड़ा सपना भी साकार हो सकता है।ग्रामीणों का यह त्याग और सहयोग न केवल पुलिया निर्माण को संभव बनाने में सहायक बना, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी सामूहिक भागीदारी और जनसेवा की प्रेरक मिसाल बन गया है। पुलिया निर्माण के बाद गमेकेला, कुंजारा, जतरा तथा आसपास के गांवों का संपर्क लैलूंगा से और अधिक मजबूत होगा। इससेशिक्षा तक पहुंच आसान होगीमरीजों को अस्पताल पहुंचने में सुविधा मिलेगा।












