
खबर खुलेआम
घरघोड़ा। शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की गोपनीय चरित्रावली (सीआर) समय पर तैयार नहीं होने के कारण समयमान वेतनमान और पदोन्नति में होने वाली देरी का मुद्दा एक बार फिर सामने आया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने शासन से मांग की है कि जिन अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका में कोई विपरीत टिप्पणी दर्ज नहीं है, उनकी गोपनीय चरित्रावली सेवा पुस्तिका के आधार पर वर्तमान में पदस्थ अधिकारी द्वारा पूर्ण की जाए, ताकि प्रशासनिक प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो।
संघ का कहना है कि समयमान वेतनमान और पदोन्नति जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं के लिए अक्सर पिछले पांच वर्षों की गोपनीय चरित्रावली मांगी जाती है। लेकिन संबंधित अवधि में पदस्थ अधिकारी का स्थानांतरण हो जाने अथवा अन्यत्र पदस्थ होने के कारण सीआर लिखने की प्रक्रिया अटक जाती है। कई बार वर्तमान में पदस्थ अधिकारी भी पूर्व अवधि की गोपनीय चरित्रावली लिखने में असमर्थता जताते हैं। इसका सीधा असर कर्मचारियों के सेवा संबंधी मामलों पर पड़ता है।
सीआर में देरी से पदोन्नति प्रभावित, सेवानिवृत्ति तक उठाना पड़ता है नुकसान
संघ के पदाधिकारियों के अनुसार, गोपनीय चरित्रावली समय पर उपलब्ध नहीं होने से कर्मचारियों की पदोन्नति और समयमान वेतनमान की प्रक्रिया लंबित हो जाती है। कई मामलों में कर्मचारी लंबे समय तक इंतजार करते रहते हैं, जबकि कुछ कर्मचारियों को देरी के कारण सेवानिवृत्ति तक नुकसान उठाना पड़ सकता है। ऐसे में सेवा संबंधी अभिलेख सही होने के बावजूद केवल सीआर के अभाव में कर्मचारियों को कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ना गंभीर समस्या है।
सेवा पुस्तिका को बनाया जाए आधार
छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने मांग की है कि प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी की संधारित सेवा पुस्तिका को आधार बनाकर गोपनीय चरित्रावली तैयार करने की व्यवस्था की जाए। संघ का कहना है कि यदि सेवा पुस्तिका में किसी प्रकार की विपरीत टिप्पणी दर्ज नहीं है, तो नियमानुसार आवश्यक परीक्षण के बाद वर्तमान में पदस्थ सक्षम अधिकारी के माध्यम से सीआर पूर्ण करने की प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए। इससे पूर्व में पदस्थ अधिकारियों पर निर्भरता कम होगी और कर्मचारियों के लंबित प्रकरणों का समय पर निराकरण संभव हो सकेगा।
संघ ने स्पष्ट किया कि इस मांग का उद्देश्य निर्धारित नियमों और प्रक्रिया को दरकिनार करना नहीं, बल्कि सीआर तैयार करने में होने वाली अनावश्यक देरी को दूर करना है, ताकि किसी भी अधिकारी-कर्मचारी को प्रशासनिक कारणों से समयमान वेतनमान या पदोन्नति के लाभ से वंचित न होना पड़े।
शासन के समक्ष मांग रखने की तैयारी
इस संबंध में संघ के वरिष्ठ प्रांतीय महामंत्री एवं जिला शाखा अध्यक्ष संतोष पांडे, प्रांतीय सचिव आशीष शर्मा, जेम्स वर्गिस, नरेंद्र पर्वत, कार्यकारी जिला शाखा अध्यक्ष संजीव शेट्टी, पेंशनर एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ कर्मचारी नेता शेख कालीमुल्लाह, सचिव जाटवर जी, महामंत्री वेद प्रकाश अजगल्ले, विकास सिन्हा, सुरेंद्र भाटिया, विकास तिवारी, अश्वनी दर्शन, अनिल गंभेल, पी.आर. भारद्वाज, पी.आर. भास्कर, गुलाब सिंह कंवर एवं रामपाल राठिया सहित अन्य पदाधिकारियों ने इस विषय को शासन के संज्ञान में लाने और सकारात्मक कार्रवाई की अपील की है।
संघ के प्रांतीय अध्यक्ष पवन शर्मा, संरक्षक पी.आर. यादव एवं जी.आर. चंद्रा द्वारा सामान्य प्रशासन विभाग के समक्ष इस मांग को रखने की बात कही गई है। संघ को उम्मीद है कि शासन इस समस्या पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करेगा, जिससे कर्मचारियों की गोपनीय चरित्रावली समय पर तैयार हो सके और पदोन्नति एवं समयमान वेतनमान के प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित न रहें।





