
खबर खुलेआम
धरमजयगढ़। रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वन मंडल क्षेत्र में एक बार फिर शावक हाथी की मौत की घटना ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सप्ताह भर के भीतर दूसरे शावक हाथी की मौत सामने आने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। ताजा मामला छाल रेंज के तरीकेला क्षेत्र के केराझर कि घटना है, जहां दलदल में फंसे एक शावक हाथी का शव मिलने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार क्षेत्र में हाथियों की लगातार आवाजाही बनी हुई है, इसके बावजूद वन विभाग द्वारा सुरक्षा और निगरानी के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते विभाग सक्रिय रहता तो शायद मासूम शावक की जान बचाई जा सकती थी। घटना के बाद मौके पर पहुंचे वन अमले ने जांच शुरू करने की बात कही है, लेकिन लगातार हो रही घटनाओं से विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि धरमजयगढ़ वन मंडल में हाथियों और मानव बस्तियों के बीच संघर्ष की स्थिति लगातार बढ़ रही है, लेकिन विभाग केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नजर आ रहा है।

हाथियों की सुरक्षा, निगरानी और रेस्क्यू व्यवस्था को लेकर जिम्मेदार अधिकारी सुस्त रवैया अपनाए हुए हैं, जिसका खामियाजा अब वन्य जीवों को अपनी जान गंवाकर भुगतना पड़ रहा है। क्षेत्र के लोगों ने मृत शावक हाथी की घटना की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है। लगातार हो रही हाथियों की मौत ने वन विभाग की तैयारियों और संवेदनशीलता पर बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा कर दिया है। बहरहाल देखना होगा कि पुरे मामले मे विभाग के उच्च अधिकारी मामले मे क्या कार्यवाई करते है।













