
डेस्क खबर खुलेआम
खंभा गिरने और करंट फैलने की अफवाह से मची अफरा-तफरी
लखीसराय। सावन के पावन सोमवार को जलाभिषेक के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच बिहार के लखीसराय स्थित अशोकधाम मंदिर में बड़ा हादसा हो गया। मंदिर जाने वाले रास्ते पर अचानक भगदड़ मचने से 7 महिलाओं की मौत हो गई, जबकि 12 से अधिक श्रद्धालुओं के घायल होने की सूचना है। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और प्रशासन-पुलिस की टीम राहत एवं बचाव कार्य में जुट गई। जानकारी के अनुसार, अशोकधाम स्टेशन से मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते पर श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी थी। इसी दौरान पुरुषों की लाइन की तरफ एक खंभा गिर गया। इसके बाद भीड़ में यह अफवाह फैल गई कि बिजली का करंट दौड़ रहा है और लोगों पर बिजली का तार गिर गया है।


हालांकि, लखीसराय डीएम शैलेंद्र कुमार के अनुसार वह बिजली का तार नहीं, बल्कि केबल वायर था।करंट फैलने की अफवाह के बाद श्रद्धालुओं में अचानक भगदड़ मच गई। पुरुषों की ओर से भीड़ का दबाव महिलाओं की लाइन की तरफ बढ़ा, जिससे बैरिकेडिंग टूट गई और कई महिलाएं एक-दूसरे के ऊपर गिर गईं। देखते ही देखते मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।हादसे में अब तक 7 महिलाओं की मौत की पुष्टि हुई है। चार मृतकों की पहचान लखीसराय की मधुबाला देवी, मनमाला देवी, हेमलता देवी और मुंगेर की रिंकू देवी के रूप में हुई है। वहीं कई घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है।घायलों में लखीसराय की मौसम कुमारी, मुस्कान कुमारी, ममता देवी, रीना कुमारी और शिवानी कुमारी के अलावा मोकामा की विमला देवी और बाढ़ की कबीला देवी सहित अन्य श्रद्धालु शामिल हैं।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के वक्त मंदिर में दर्शन और जलाभिषेक के लिए भारी भीड़ मौजूद थी। एक श्रद्धालु ने बताया कि अचानक पोल गिरने और करंट लगने की बात फैलते ही लोग अपनी जान बचाने के लिए भागने लगे। इसी दौरान बैरिकेडिंग टूट गई और भगदड़ में कई लोग जमीन पर गिर पड़े।हादसे के बाद प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिया है। घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।










