
खबर खुलेआम
रायगढ़। रायगढ़ कलेक्टोरेट कार्यालय के राहत एवं आपदा प्रबंधन शाखा में पदस्थ बाबू राजकुमार सिदार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) बिलासपुर की टीम ने 50 हजार रुपये का हस्ताक्षरित चेक लेते हुए गिरफ्तार किया है। आरोपी पर सर्पदंश से मृत महिला के परिजन को मिलने वाली शासकीय मुआवजा राशि दिलाने के एवज में गारंटी के नाम पर 50 हजार रुपये का हस्ताक्षरित चेक मांगने का आरोप है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम बुलाकी, तहसील पुसौर निवासी विजय सिदार की पत्नी रामकुमारी की वर्ष 2023 में सर्पदंश से मृत्यु हो गई थी। शासन से मिलने वाली मुआवजा राशि के लिए उन्होंने आवेदन किया था, जिसका प्रकरण कलेक्टोरेट रायगढ़ में लंबित था। शिकायत के मुताबिक, राहत एवं आपदा प्रबंधन शाखा में पदस्थ बाबू राजकुमार सिदार ने मुआवजा राशि शीघ्र दिलाने के बदले 50 हजार रुपये की मांग की। बाद में उसने कहा कि फिलहाल राशि नहीं, बल्कि 50 हजार रुपये का हस्ताक्षरित चेक गारंटी के रूप में दे दिया जाए और मुआवजा मिलने के बाद नकद रकम देनी होगी।शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना एसीबी बिलासपुर को दी। शिकायत का सत्यापन सही पाए जाने के बाद मंगलवार 28 जुलाई 2026 को एसीबी की टीम ने जाल बिछाया और आरोपी बाबू को शिकायतकर्ता से 50 हजार रुपये का हस्ताक्षरित चेक लेते हुए पकड़ लिया।आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत कार्रवाई की जा रही है। एसीबी के अनुसार, रिश्वत की रकम के बजाय गारंटी के रूप में हस्ताक्षरित चेक मांगकर रिश्वतखोरी करते हुए पकड़े जाने का यह पहला मामला माना जा रहा है।












