
खबर खुलेआम
घरघोड़ा। महज इस बात के शक में कि मृतक ने खेत के बोर में पत्थर डाल दिया है, आरोपी का गुस्सा इस कदर भड़का कि उसने टांगी से सिर पर वार कर उसकी जान ले ली। करीब पांच साल पुराने इस सनसनीखेज हत्याकांड में अपर सत्र न्यायालय घरघोड़ा के विद्वान न्यायाधीश अभिषेक शर्मा ने आरोपी तेल सिंह राठिया को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 1,000 अर्थदंड की सजा सुनाई है।मामला थाना घरघोड़ा के अपराध क्रमांक 253/2021 से जुड़ा है। अभियोजन के अनुसार 9 अगस्त 2021 को दोपहर करीब 12 बजे ग्राम बस्तीपाली में आरोपी तेल सिंह राठिया को शक था कि मृतक समुन्दर राठिया ने उसके खेत में लगे बोर में पत्थर डाल दिया है। इसी बात को लेकर आरोपी मृतक के घर के पास पहुंचा और उसके साथ गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देने लगा। इसी दौरान समुन्दर राठिया आरोपी के सामने आ गया। उसे देखते ही आरोपी अपना आपा खो बैठा और पास रखी टांगी से समुन्दर के सिर पर जानलेवा वार कर दिया। वार इतना गंभीर था कि समुन्दर मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ा। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। घायल समुन्दर को परिजनों ने तत्काल इलाज के लिए घरघोड़ा अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना नरेश राठिया ने थाना घरघोड़ा में दी। पुलिस ने सूचना के आधार पर अपराध दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू की। तत्कालीन विवेचना अधिकारी एडमोन खेस ने जांच पूरी करने के बाद आरोपी तेल सिंह राठिया के खिलाफ हत्या के आरोप में अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने अभियोजन पक्ष के साक्षियों के बयान दर्ज किए। उभय पक्ष की बहस और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद न्यायालय ने आरोपी तेल सिंह राठिया को समुन्दर राठिया की हत्या का दोषी पाया।न्यायालय ने आरोपी को आजीवन कारावास एवं 1 हजार के अर्थदंड से दंडित करने का आदेश सुनाया।न्यायालय ने मृतक के आश्रितों को भी राहत देते हुए विधिक सेवा प्राधिकरण रायगढ़ के माध्यम से 1 लाख की क्षतिपूर्ति दिलाए जाने की अनुशंसा की है। प्रकरण में राज्य की ओर से अपर लोक अभियोजक राजेश सिंह ठाकुर ने पक्ष रखा।








