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CM साय ने कहा—“आपकी सफलता ही हमारी सबसे बड़ी खुशी”, बच्चों के साथ बैठकर किया भोजन
रायपुर, 24 अगस्त 2026। श्रमिक परिवारों के प्रतिभावान बच्चों के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी पहल की है। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत अब श्रमिक परिवारों के बच्चे प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में कक्षा 6वीं से 12वीं तक निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोमवार को रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित सम्मान समारोह में विद्यार्थियों से संवाद कर उनका उत्साह बढ़ाया।मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिक प्रदेश के विकास की मजबूत नींव हैं। उनके परिश्रम से सड़कें, भवन, पुल और विकास की अनेक संरचनाएं खड़ी होती हैं। ऐसे श्रमिक परिवारों के बच्चों को अच्छी शिक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि “इन बच्चों की सफलता ही सरकार और उनके माता-पिता की सबसे बड़ी खुशी होगी।”100 से बढ़कर 200 बच्चों तक पहुंची योजनामुख्यमंत्री ने बताया कि अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना की शुरुआत पिछले वर्ष 100 बच्चों के साथ की गई थी। इस वर्ष योजना का विस्तार करते हुए 200 प्रतिभावान बच्चों को प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में शिक्षा का अवसर दिया गया है। प्रदेश के सभी 33 जिलों से चयनित बच्चे राजकुमार कॉलेज, दिल्ली पब्लिक स्कूल और रुंगटा पब्लिक स्कूल जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में निःशुल्क शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन स्कूलों में अपने बच्चों को पढ़ाना श्रमिक परिवारों के लिए कभी मुश्किल सपना हुआ करता था, अब राज्य सरकार उसी सपने को साकार कर रही है। योजना का उद्देश्य केवल अच्छे स्कूल में प्रवेश दिलाना नहीं, बल्कि बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण, आत्मविश्वास और अपने सपनों को पूरा करने का अवसर देना है। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के तहत 1 लाख 45 हजार 841 श्रमिकों को 39 करोड़ 67 लाख रुपये से अधिक की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की गई।श्रम विभाग के तीन मंडलों के माध्यम से श्रमिकों के लिए वर्तमान में 67 प्रकार की कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, मातृत्व सहायता, दिव्यांग सहायता, पेंशन, कौशल विकास, रोजगार और आवास सहित विभिन्न योजनाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री साय ने बच्चों से अपने जीवन के संघर्ष और अनुभव साझा करते हुए कहा कि परिस्थितियां कैसी भी हों, शिक्षा, मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर सफलता हासिल की जा सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों से अभी से बड़े सपने देखने और अपने लक्ष्य तय करने का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि कोई डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक या प्रशासनिक अधिकारी बनना चाहता है तो कोई व्यवसाय और समाजसेवा के क्षेत्र में जाना चाहता है। लक्ष्य कोई भी हो, उसकी मजबूत नींव शिक्षा से ही तैयार होती है। इसलिए बच्चों को मिले इस अवसर का पूरा लाभ उठाना चाहिए। समारोह का सबसे खास और आत्मीय पल उस समय देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय श्रमिक परिवारों के बच्चों के साथ बैठकर भोजन करने लगे। मुख्यमंत्री ने बच्चों से परिवार के सदस्य की तरह बातचीत की और उनके सवालों के सहजता से जवाब दिए।बच्चों ने मुख्यमंत्री से उनके बचपन, पढ़ाई, पसंदीदा भोजन और जीवन के संघर्षों से जुड़े सवाल पूछे। मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए बच्चों के हर सवाल का जवाब दिया और उन्हें मेहनत, अनुशासन तथा निरंतर सीखते रहने की प्रेरणा दी। एक बच्चे ने मुख्यमंत्री को “अच्छे टीचर” जैसा बताते हुए कहा कि उनसे जितने भी सवाल पूछो, वे परेशान नहीं होते और हर सवाल का जवाब देते हैं। बच्चों ने मुख्यमंत्री के साथ भोजन और संवाद के इस अनुभव को हमेशा याद रखने की बात कही। श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में श्रमिकों और उनके परिवारों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए लगातार नई पहल की जा रही है। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में 774 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से श्रमिकों के खातों में पहुंचाई गई है।उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि श्रमिकों के बच्चे आर्थिक परिस्थितियों के कारण अपने सपनों को सीमित न करें और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हासिल कर डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस, वैज्ञानिक, उद्यमी या अपनी पसंद के किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त करें। समारोह में विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री के सामने अपने अनुभव साझा किए। दिल्ली पब्लिक स्कूल में अध्ययनरत बीजापुर के अतीश ने बताया कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उन्हें इतने प्रतिष्ठित विद्यालय में पढ़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने भविष्य में आईएएस अधिकारी बनकर देश और प्रदेश की सेवा करने का सपना भी साझा किया।वहीं रुंगटा पब्लिक स्कूल में अध्ययनरत कबीरधाम की छात्रा इशिका डाहरे ने बताया कि योजना के माध्यम से मिले बेहतर वातावरण ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाया है और अब वे अंग्रेजी में भी सहजता से संवाद कर पा रही हैं।मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे खूब पढ़ें, अपने सपनों को बड़ा रखें और सफलता हासिल करने के बाद समाज तथा प्रदेश के प्रति अपने दायित्व को हमेशा याद रखें।समारोह में सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा, उपाध्यक्ष किशोर महानंद, श्रम विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता सहित विभागीय अधिकारी, श्रमिक, अभिभावक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।







