
डेस्क खबर खुलेआम
बालोद। भतीजे का खिलौना टूटने से नाराज़ एक युवक ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। उसने पड़ोस में रहने वाले 6 वर्षीय मासूम बच्चे को सीताफल खिलाने का झांसा देकर अपने साथ ले गया और ईंट के टुकड़े से उसके सिर व चेहरे पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। बच्चे को मरा समझकर आरोपी मौके से फरार हो गया। गंभीर रूप से घायल मासूम की समय पर इलाज मिलने से जान बच गई। करीब डेढ़ साल बाद इस सनसनीखेज मामले में द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश श्वेता उपाध्याय गौर की अदालत ने आरोपी मुकेश कुमार साहू (29) को दोषी ठहराते हुए 7 वर्ष के सश्रम कारावास और 100 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।घटना 21 अक्टूबर 2024 को बालोद जिले के अर्जुन्दा थाना क्षेत्र के ग्राम देवसरा में हुई थी। टुमन साहू का छह वर्षीय पुत्र लिकेश साहू सुबह घर से खेलने निकला था। कुछ देर बाद वह पड़ोसी खोमलाल साहू के घर पहुंचा, जहां आरोपी मुकेश कुमार भी मौजूद था। जब काफी देर तक बच्चा घर नहीं लौटा तो परिजनों और ग्रामीणों ने उसकी तलाश शुरू की।करीब साढ़े 11 बजे ग्रामीणों ने खोमलाल के ब्यारा में लिकेश को लहूलुहान और बेहोशी की हालत में पड़ा देखा। उसके सिर, आंख, मुंह और गले पर गंभीर चोटें थीं। परिजनों ने पहले उसे निकुम शासकीय अस्पताल पहुंचाया, जहां से हालत गंभीर होने पर दुर्ग रेफर किया गया। चिकित्सकों के प्रयास से उसकी जान बच गई।पुलिस जांच में सामने आया कि लिकेश अक्सर आरोपी के भतीजे के खिलौनों पर बैठ जाता था, जिससे वे टूट जाते थे। घटना वाले दिन भी खिलौना टूटने से नाराज़ होकर मुकेश ने पहले से हत्या की योजना बनाई। वह बच्चे को सीताफल और फुटू खोजने का बहाना बनाकर अपने ब्यारा ले गया। रास्ते से ईंट-सीमेंट का टुकड़ा उठाकर उसने मासूम के सिर और चेहरे पर कई वार किए और उसे मृत समझकर वहीं छोड़ दिया।जांच के दौरान पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य जुटाकर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109 के तहत न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया। विशेष लोक अभियोजक घनश्याम सिंह साहू ने मामले की प्रभावी पैरवी की। प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 7 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 100 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।











