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कलेक्टर के एक आदेश से बदला राजस्व प्रशासन का नक्शा, घरघोड़ा-खरसिया-तमनार-लैलूंगा में नई जिम्मेदारियां
रायगढ़। जिले के राजस्व महकमे में बुधवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला। कलेक्टर रायगढ़ द्वारा जारी आदेश के तहत कई तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों के तबादले किए गए हैं। आदेश जारी होते ही राजस्व विभाग में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है और विभिन्न तहसीलों में नई जिम्मेदारियों को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। जारी आदेश के अनुसार संदीप सिंह राजपूत को खरसिया से स्थानांतरित कर तहसीलदार लैलूंगा बनाया गया है। वहीं लैलूंगा में नायब तहसीलदार एवं प्रभारी तहसीलदार के रूप में कार्यरत उज्ज्वल पाण्डेय को नायब तहसीलदार खरसिया पदस्थ किया गया है। इसके साथ ही शिवम पाण्डेय को घरघोड़ा से तमनार भेजा गया है, जबकि मनोज कुमार गुप्ता को घरघोड़ा तहसीलदार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी क्रम में श्रीमती वर्षा तिवारी को रायगढ़ से मुकडेगा तथा हिमांशु सिंह को मुकडेगा से घरघोड़ा स्थानांतरित किया गया है। आदेश में यह भी उल्लेख है कि श्रीमती मोनल साय 4 जून 2026 से 1 सितंबर 2026 तक संतान पालन अवकाश पर रहेंगी। उनकी अनुपस्थिति में उज्ज्वल पाण्डेय को खरसिया तहसीलदार का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। राजस्व कार्यों की निरंतरता बनाए रखने के लिए कलेक्टर ने विशेष व्यवस्था भी की है। खरसिया तहसील कार्यालय में वित्तीय कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए नियमित तहसीलदार की पदस्थापना तक अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) खरसिया को आहरण एवं संवितरण अधिकारी के अधिकार प्रदान किए गए हैं।लैलूंगा क्षेत्र में लंबे समय से सीमांकन, नामांतरण और राजस्व प्रकरणों के लंबित रहने की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में नए तहसीलदार संदीप सिंह राजपूत की नियुक्ति को लेकर क्षेत्र में उम्मीदें भी बढ़ी हैं। आम जनता अब यह देखने को उत्सुक है कि नई तैनाती के बाद लंबित मामलों के निराकरण में कितनी तेजी आती है और प्रशासनिक कार्यप्रणाली में कितना सुधार दिखाई देता है।कलेक्टर द्वारा जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। प्रशासनिक जानकार इसे जिले की राजस्व व्यवस्था को अधिक सक्रिय और जवाबदेह बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं। जनता की नजर अब नए अधिकारियों परतबादलों की इस बड़ी कवायद के बाद एक सवाल हर जुबान पर है—क्या नई तैनाती से जनता को राहत मिलेगी, या फिर राजस्व फाइलें पुराने ढर्रे पर ही सरकती रहेंगी ? इसका जवाब आने वाले दिनों में नए अधिकारियों की कार्यशैली ही तय करेगी।












