
डेस्क खबर खुलेआम
कबीरधाम। जिले में नकली नोट तैयार कर उन्हें खपाने और लोगों को ठगी का शिकार बनाने वाले गिरोह का कबीरधाम पुलिस ने पर्दाफाश किया है। थाना बोडला अंतर्गत चौकी पोंडी क्षेत्र में नकली नोटों की डिलीवरी के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे और प्रकरण से संबंधित कार्रवाई में कुल 12.50 लाख रुपये के नकली नोट, कलर प्रिंटर/फोटोकॉपी मशीन, मोबाइल फोन और घटना में प्रयुक्त टाटा पंच ईवी कार बरामद की गई है।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक कबीरधाम जितेंद्र कुमार यादव (भा.पु.से.) के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार एवं अमित पटेल के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी बोडला अखिलेश कौशिक के पर्यवेक्षण में चौकी पोंडी पुलिस एवं साइबर टीम द्वारा की गई। मामले की शुरुआत ग्राम कमराखोल निवासी दिनेश कुमार यादव की शिकायत से हुई। दिनेश ने अप्रैल 2026 में घुरवा राम को 3.75 लाख रुपये उधार दिए थे, जिसके संबंध में एग्रीमेंट भी कराया गया था। रकम वापस मांगने पर घुरवा राम ने पैसे लौटाने का भरोसा दिया। 9 अगस्त 2026 को उसने दिनेश को बताया कि सतीश कुमार के माध्यम से रकम भेजी जा रही है और उसे ग्राम पोंडी स्थित शराब भट्टी के पास बुलाया। रात करीब 9 बजे दिनेश अपने परिचित कैलाश चंद्रवंशी के साथ मौके पर पहुंचा। वहां सतीश कुमार और उसके एक साथी ने काले रंग के बैग में रकम सौंपी। लेकिन नोटों की जांच करते ही शक गहरा गया। बैग खोलकर देखा गया तो उसमें 500-500 रुपये के कुल 4.50 लाख रुपये के नकली नोट मिले। इसके बाद दिनेश ने 10 अगस्त को चौकी पोंडी में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस पूछताछ में आरोपी सतीश कुमार ने नकली नोट तैयार करने और खपाने के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया। उसने बताया कि वह रामप्रसाद उर्फ रमऊ और घुरवा राम के साथ मिलकर नकली नोट तैयार करता था। सतीश से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए रामप्रसाद उर्फ रमऊ और घुरवा राम को भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ और तस्दीक में सामने आया कि तीनों आरोपी जुलाई 2026 से मिलकर कलर प्रिंटर के माध्यम से नकली नोट तैयार कर रहे थे। इसके लिए नए बस स्टैंड के पास एक किराये का कमरा लिया गया था।


पुलिस के अनुसार, आरोपी रामप्रसाद उर्फ रमऊ और सतीश कुमार ने 13 जुलाई को कलर प्रिंटर खरीदा था। इसके बाद किराये के कमरे में घुरवा राम के साथ मिलकर नकली नोट तैयार किए जाते थे।तैयार नकली नोटों को वास्तविक मुद्रा के रूप में चलाने की योजना के तहत उधारी की रकम वापस करने के नाम पर दिनेश कुमार और उसके सहयोगी कैलाश को नकली नोटों की डिलीवरी की गई। पुलिस ने आरोपियों से कुल 8 लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए, जबकि प्रार्थी को दिए गए 4.50 लाख रुपये के नकली नोटों को मिलाकर कुल जब्ती 12.50 लाख रुपये की हुई है।आरोपी सतीश कुमार से 2 लाख रुपये के नकली नोट। आरोपी रामप्रसाद उर्फ रमऊ से 4.50 लाख रुपये के नकली नोट एक मोबाइल फोन एक प्रिंटर/फोटोकॉपी मशीन एक टाटा पंच ईवी कारआरोपी घुरवा राम से: 1.50 लाख रुपये के नकली नोट।कुल जब्ती: 12.50 लाख रुपये के नकली नोट, एक प्रिंटर/फोटोकॉपी मशीन, एक मोबाइल फोन और एक टाटा पंच ईवी कार। प्रकरण में चौकी पोंडी, थाना बोडला में अपराध क्रमांक 101/26 के तहत धारा 179, 318(4) बीएनएस में अपराध पंजीबद्ध किया गया है। विवेचना के दौरान धारा 178, 180 एवं 181 बीएनएस भी जोड़ी गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने अब तक कितने नकली नोट तैयार किए और इन्हें किन-किन स्थानों पर खपाया गया। गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और नकली नोटों के नेटवर्क की भी विस्तृत पड़ताल की जा रही है। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है 1. सतीश कुमार, पिता आधे राम, उम्र 33 वर्ष, निवासी मजगांव रोड।2. रामप्रसाद उर्फ रमऊ, पिता ललित राम, उम्र 56 वर्ष, निवासी तालपुर।3. घुरवा राम, पिता मोतीराम, निवासी कान्हाभैरा।










