
खबर खुलेआम
जिले में चलाए जा रहे “ऑपरेशन शंखनाद” का असर अब साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। पुलिस की सख्ती से गौवंश तस्करों में हड़कंप मचा हुआ है। इसी कड़ी में भूपदेवपुर क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गौवंश तस्करी की कोशिश को नाकाम कर दिया।जानकारी के अनुसार, 28-29 अप्रैल की दरम्यानी रात रात्रि गश्त के दौरान भूपदेवपुर पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम कछार क्षेत्र में एक लाल रंग की स्कार्पियो वाहन में मवेशियों को अमानवीय तरीके से भरकर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों की मदद से घेराबंदी की।पुलिस और डायल 112 की टीम को आते देख तस्कर वाहन लेकर भागने लगे, लेकिन खेत की मेड़ में वाहन फंस गया। इसके बाद तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर स्कार्पियो छोड़कर फरार हो गए।मौके पर छोड़े गए वाहन (क्रमांक OR-02 BL-2698) की तलाशी लेने पर उसमें दो गौवंश बंधे हुए और बिना चारा-पानी के अत्यंत दयनीय हालत में पाए गए, जिन्हें तत्काल मुक्त कराया गया। साथ ही एक रियलमी कंपनी का मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है, जो आरोपियों की पहचान में अहम सुराग बन सकता है।पुलिस ने वाहन चालक के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धाराओं 4, 6, 11 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि तस्करों ने वाहन में मोटरसाइकिल का फर्जी नंबर प्लेट लगाया था।पुलिस अब वाहन के इंजन और चेसिस नंबर के आधार पर आरोपियों की पहचान में जुटी है और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है। वहीं, मुक्त कराए गए गौवंशों का पशु चिकित्सक से परीक्षण कराकर उनके लिए चारा-पानी की उचित व्यवस्था की गई है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी उप निरीक्षक संजय नाग, सहायक उप निरीक्षक राजेश मिश्रा, प्रधान आरक्षक जगदीश नायक और डायल 112 टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।लगातार हो रही ऐसी कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि जिले में गौवंश तस्करी के नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है।













