
डेस्क खबर खुलेआम
पत्थलगांव। ग्राम पंचायत जोराडोल में स्व. वर्षा चौहान की तृतीय पुण्यतिथि की स्मृति में एक दिवसीय फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में क्षेत्र की 8 टीमों ने हिस्सा लिया। पूरे आयोजन के दौरान खिलाड़ियों ने शानदार खेल प्रतिभा, अनुशासन और खेल भावना का परिचय देते हुए दर्शकों का खूब मनोरंजन किया।रोमांचक मुकाबलों के बाद बन्दियाखार पत्थलगांव की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया, जबकि गनपतपुर की टीम उपविजेता रही। फाइनल मुकाबले में खिलाड़ियों के जोश और दमदार प्रदर्शन ने मैदान में मौजूद ग्रामीणों एवं खेलप्रेमियों में उत्साह भर दिया।सालिक साय ने किया पुरस्कार वितरणकार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय उपस्थित रहे। उन्होंने विजेता एवं उपविजेता टीम के खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।

इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह की खेल प्रतियोगिताएं युवाओं की प्रतिभा को सामने लाने के साथ ही उन्हें अनुशासन, टीम भावना और सकारात्मक दिशा प्रदान करती हैं।उन्होंने युवाओं से खेलों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया तथा आयोजकों की इस पहल की सराहना की।बड़ी संख्या में ग्रामीण और खेलप्रेमी रहे मौजूदकार्यक्रम में भाजपा लुड़ेग-तमता मंडल प्रभारी हरजीत सिंह भाटिया, पूर्व मंडल अध्यक्ष चमर साय, भाजपा ग्रामीण मंडल पत्थलगांव के हेमंत बंजारा, भाजपा पत्थलगांव शहर मंडल अध्यक्ष अंकित बंसल, ग्रामीण मंडल महामंत्री प्रकाश चौहान, शहर मंडल महामंत्री नरेश यादव, जोराडोल सरपंच राजेंद्र कुजूर, ईला उपसरपंच देवेंद्र पाल, जिला भाजपा कार्यसमिति सदस्य महेश गुप्ता, जिला युवा मोर्चा सोशल मीडिया प्रभारी अरुण यादव, जिला युवा कार्यसमिति सदस्य जितेंद्र अग्रवाल, जोगी राम, फिरनू भगत, धनंजय तिवारी, बटी सिंह एवं आलोक गर्ग सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, युवा एवं खेलप्रेमी उपस्थित रहे।स्मृति को नमन, युवाओं को खेलों से जोड़ने की पहलस्व. वर्षा चौहान की स्मृति को नमन करते हुए आयोजित यह प्रतियोगिता खेल प्रतिभाओं को मंच देने के साथ-साथ युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रही। आयोजन ने खेल भावना, अनुशासन, आपसी भाईचारे और सामाजिक एकजुटता का संदेश भी दिया। उक्त जानकारी जिला कार्यसमिति सदस्य भाजयुमो भूषण वैष्णव द्वारा दी गई।




