
डेस्क खबर खुलेआम
रायपुर। राजधानी रायपुर में विदेशी मोबाइल नंबर से व्हाट्सएप के जरिए 25 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने और रकम नहीं देने पर हत्या की धमकी देने वाले आरोपी का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (एसीसीयू) तथा थाना तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी शोएब ढेबर (26) को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त बताए गए 05 आईफोन, जिनकी कीमत करीब 5 लाख रुपये है, जब्त किए गए हैं।पुलिस के मुताबिक प्रार्थी आनंदमल कुकरेजा ने थाना तेलीबांधा में शिकायत दर्ज कराई थी कि 14 सितंबर 2026 को उसके मोबाइल फोन पर विदेशी नंबर से व्हाट्सएप के जरिए धमकी भरे संदेश आए। संदेश भेजने वाले व्यक्ति ने खुद को अमन साहू गैंग से जुड़ा हुआ बताते हुए प्रार्थी से 25 करोड़ रुपये की फिरौती/रंगदारी की मांग की।धमकी में रकम नहीं देने पर प्रार्थी, उसके पुत्र अजीत और परिवार के अन्य सदस्यों की हत्या करने की बात कही गई। साथ ही रायपुर और तेलीबांधा क्षेत्र में हत्या करवाने की धमकी देकर भय का माहौल बनाने का प्रयास किया गया।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला ने तत्काल प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम कांबले, पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला तथा पुलिस उपायुक्त (मध्य जोन) तारकेश्वर पटेल के निर्देशन में एसीसीयू और थाना तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की।जांच के दौरान पुलिस ने प्रार्थी के मोबाइल पर आए विदेशी नंबर, व्हाट्सएप संदेश, वीडियो तथा उससे जुड़े अन्य मोबाइल नंबरों और डिजिटल इनपुट का बारीकी से विश्लेषण किया। तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल नंबरों की कड़ियों और संपर्कों को आपस में जोड़ते हुए पुलिस टीम आरोपी तक पहुंची।लगातार तकनीकी विश्लेषण और फील्ड स्तर पर पतासाजी के बाद पुलिस ने आरोपी की पहचान शोएब ढेबर, निवासी खम्हारडीह, रायपुर के रूप में की और उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पुलिस के अनुसार आरोपी ने घटना को अंजाम देना स्वीकार किया।पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना से संबंधित 05 नग आईफोन, अनुमानित कीमत 5 लाख रुपये जब्त किए हैं। आरोपी के विरुद्ध थाना तेलीबांधा में अपराध क्रमांक 403/2026, धारा 308(4), 351(3), 351(4) बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई है।पुलिस की सतर्कता से खुला 25 करोड़ की रंगदारी का राजविदेशी नंबर के जरिए धमकी देकर करोड़ों रुपये की रंगदारी वसूलने की कोशिश के इस मामले में पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल इनपुट के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई। मामले में पुलिस की साइबर जांच ने धमकी के पीछे छिपे आरोपी की पहचान उजागर कर दी।



