
डेस्क खबर खुलेआम
गणेश भोय जिला ब्यूरो जशपुर
जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से पुलिस विभाग को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। कांसाबेल थाना में पदस्थ आरक्षक रुद्रमणी यादव के खिलाफ एक शिक्षिका ने दुष्कर्म, मानसिक प्रताड़ना, आर्थिक ठगी और अश्लील तस्वीरें वायरल करने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है। मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2)(N) सहित एससी-एसटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि उसके पति की वर्ष 2020 में मौत हो चुकी है और वह अपने दो बच्चों के साथ अकेले जीवन यापन कर रही है। महिला के अनुसार जनवरी 2023 में फेसबुक के माध्यम से उसकी पहचान आरक्षक रुद्रमणी यादव से हुई। शुरुआत में आरोपी ने महिला की पारिवारिक परेशानियों को दूर कराने और सहयोग करने का भरोसा दिलाकर नजदीकियां बढ़ाईं।
शिक्षिका का आरोप है कि आरोपी ने उसके अकेलेपन और मजबूरी का फायदा उठाया। महिला के मुताबिक 28 अप्रैल 2023 को आरोपी उसे घूमाने के बहाने बटईकिला क्षेत्र ले गया, जहां सुनसान जगह पर जबरन दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपी लगातार अलग-अलग स्थानों पर उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाता रहा।पीड़िता ने आरोप लगाया कि इस दौरान वह दो बार गर्भवती हुई, लेकिन आरोपी ने दवाइयां देकर गर्भपात करा दिया। महिला का कहना है कि जनवरी 2025 में भी आरोपी उसे भुरसादाब जंगल क्षेत्र ले गया और वहां भी दुष्कर्म किया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि जब महिला ने आरोपी से दूरी बनानी शुरू की, तो वह मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगा। आरोपी सार्वजनिक स्थानों पर गाली-गलौज करता था और महिला की कॉल डिटेल निकलवाकर रिश्तेदारों व परिचितों के बीच उसके बारे में गलत बातें फैलाता था। साथ ही उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल कर बदनाम करने का भी आरोप लगाया गया है।महिला ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने जमीन दिलाने के नाम पर उससे और उसके भाई से करीब दो लाख रुपये लिए, लेकिन कोई काम नहीं कराया। आरोपी कथित तौर पर खुद को पुलिस विभाग में प्रभावशाली बताकर महिला को धमकाता था कि उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। पीड़िता द्वारा अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए जाने के बाद पुलिस ने मामले में एससी-एसटी एक्ट की धाराएं भी जोड़ी हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपी आरक्षक के खिलाफ आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।












