
डेस्क खबर खुलेआम
2005 से चला रहे थे अरबों की ठगी का खेल, दोगुना पैसा बनाने के नाम पर 100 से ज्यादा लोगों को बनाया शिकार
रायपुर, 22 अगस्त। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट की एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा तेलीबांधा थाना पुलिस ने देश के सबसे बड़े “वॉश एंड वॉश (ब्लैक करेंसी) स्कैम” का पर्दाफाश करते हुए 7 अंतरराज्यीय ठगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 4 करोड़ रुपये से अधिक नकदी, 17 मोबाइल फोन, काले रंग के नकली नोट, केमिकल, कांच की प्लेटें और ठगी में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री बरामद की गई है।पुलिस के अनुसार यह गिरोह वर्ष 2005 से सक्रिय है और देशभर में 100 से अधिक लोगों से अरबों रुपये की ठगी कर चुका है। इस मामले में पहले ही दो महिला आरोपियों को नागपुर से गिरफ्तार किया जा चुका था। अब तक कुल 9 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

रायपुर में 1.13 करोड़ की ठगी, पुणे के रिसॉर्ट में दबोचे गए आरोपीपुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देशन में जांच के दौरान साइबर टीम ने डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के सदस्यों को पुणे में ट्रेस किया। लगभग एक सप्ताह तक निगरानी के बाद पुलिस ने खंडाला (पुणे) के एक रिसॉर्ट में छापा मारा, जहां आरोपी वाराणसी के एक कारोबारी से रकम दोगुनी करने के नाम पर करोड़ों रुपये ठग रहे थे। पुलिस ने उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।### ऐसे चलता था “ब्लैक करेंसी” का खेलगिरोह खुद को “डी ग्रुप कंपनी (दाऊद ग्रुप)” से जुड़ा बताकर लोगों पर प्रभाव जमाता था। बड़े नेताओं और फिल्मी कलाकारों के साथ तस्वीरें दिखाकर भरोसा जीतता और फिर दावा करता कि विशेष विदेशी केमिकल से काले नोटों को असली नोटों में बदला जा सकता है।आरोपी पहले नकली केमिकल प्रक्रिया का प्रदर्शन करते, फिर विदेशी केमिकल, फंड रिलीज, सुरक्षा मंजूरी और अन्य बहानों से पीड़ितों से करोड़ों रुपये ऐंठ लेते। ठगी के बाद आरोपी रकम लेकर फरार हो जाते थे।

गिरोह के सरगना और पुराना आपराधिक रिकॉर्डपुलिस ने बताया कि गिरोह के मुख्य सरगना ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव उर्फ योगी, प्रवीण कुमार श्रीवास्तव उर्फ कैप्टन और मनोज कुमार श्रीवास्तव उर्फ बड़े सर हैं। इनमें प्रवीण और मनोज पहले भी मुंबई और वाराणसी में ठगी के मामलों में जेल जा चुके हैं। देशभर में फैला था नेटवर्कगिरोह छत्तीसगढ़, दिल्ली, नोएडा, मुंबई, पुणे, बड़ौदा, उदयपुर, हैदराबाद, गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, आगरा, कोलकाता और नागपुर समेत कई राज्यों में सक्रिय था। लोगों को पांच सितारा होटलों में बुलाकर करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दिया जाता था।फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। तेलीबांधा थाना में आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 330/26 के तहत बीएनएस की धारा 318(4) और 61(2) के अंतर्गत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।










