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धर्म का चोला ओढ़कर करोड़ों कि काली कमाई को व्हाइट करने वाला नेटवर्क बेनकाब .. करन चौधरी समेत तीन गिरफ्तार .. एक करोड़ से ज्यादा नकदी जब्त

By Khabar Khule Aam Desk

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खबर खुलेआम

निरंजन गुप्ता रायगढ़

रायगढ़। जिले के कप्तान शशि मोहन सिंह कि कप्तानी मे ऑनलाइन सट्टा के बड़े खिलाड़ियों के विकेट उखड़ गए है। जिस तरह से करन चौधरी ने धर्म का चोला ओढ़कर अपना काला साम्राज्य फयलाया था। एसएसपी शशि मोहन सिंह और उनकी टीम ने किला ही ध्वस्त कर दिया है। बता दे कि जिले में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी और उससे जुड़े संगठित आर्थिक अपराधों पर रायगढ़ पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों के सट्टा सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। साइबर सेल, कोतवाली और घरघोड़ा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में सट्टे की काली कमाई को हवाला नेटवर्क के जरिए व्हाइट करने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है। पुलिस ने मुख्य आरोपी करन चौधरी उर्फ करन अग्रवाल, पुष्कर अग्रवाल और सुनील अग्रवाल को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 1 करोड़ 2 लाख 81 हजार 300 रुपये नकद, नोट गिनने की मशीन, चार मोबाइल फोन सहित कुल 1 करोड़ 3 लाख 86 हजार 300 रुपये की संपत्ति जब्त की है।

एसएसपी शशि मोहन सिंह 👇🏼👇🏼

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में शुरू हुई जांच में खुलासा हुआ कि रायगढ़ से संचालित ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा केवल जुए तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके जरिए ब्लैक मनी, हवाला और करोड़ों के अवैध लेनदेन का संगठित नेटवर्क चलाया जा रहा था। प्रारंभिक कार्रवाई में मिले मोबाइल फोन, डिजिटल ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड और नगदी के आधार पर पुलिस ने पूरे नेटवर्क की परत-दर-परत जांच शुरू की।पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि रायगढ़ के खाईवाल करन चौधरी और फरार आरोपी जसमीत सिंह बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार के इशारे पर पूरे सिंडिकेट का संचालन किया जा रहा था। टेक्निकल इनपुट, कॉल डिटेल, चैट रिकॉर्ड और फाइनेंशियल एनालिसिस से यह सामने आया कि करन चौधरी रायगढ़, सक्ती, रायपुर, बिलासपुर से लेकर दिल्ली तक फैले नेटवर्क के जरिए ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित कर रहा था।जांच में यह भी पता चला कि सट्टे से कमाई गई रकम को सीधे अपने पास रखने के बजाय आरोपी उसे परिचित कारोबारियों, पेट्रोल पंप, मेडिकल स्टोर और अन्य व्यावसायिक माध्यमों से कैश डंप करते थे। बाद में यही रकम हवाला चैनलों के जरिए आगे ट्रांसफर की जाती थी। कृष्ण प्राइड टावर में रहने वाले पुष्कर अग्रवाल और उसके पिता सुनील अग्रवाल इस पूरे मनी मूवमेंट नेटवर्क की अहम कड़ी थे, जो सट्टे की ब्लैक मनी को हवाला के जरिए व्हाइट करने का काम कर रहे थे। पुलिस ने करन चौधरी से मिली सूचना पर कृष्ण प्राइड टावर स्थित फ्लैट में दबिश दी, जहां से सुनील अग्रवाल के कब्जे से 50 लाख रुपये नकद, नोट गिनने की मशीन और मोबाइल फोन बरामद किया गया। वहीं पुष्कर अग्रवाल के पास से 52 लाख 60 हजार रुपये नकद और दो मोबाइल फोन जब्त किए गए। इससे पहले करन चौधरी के कब्जे से भी नगदी और मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके थे।इलेक्ट्रॉनिक डेटा, चैट रिकॉर्ड, यूपीआई ट्रांजेक्शन और वित्तीय दस्तावेजों की जांच में यह साफ हुआ कि आरोपी अपने निजी बैंक खातों के बजाय कर्मचारियों, परिचितों और सहयोगियों के बैंक खातों और मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर रहे थे, ताकि जांच एजेंसियों से बचा जा सके।पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार करन चौधरी के खिलाफ पहले से जुआ-सट्टा, मारपीट, रंगदारी, अपहरण और आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं। लगातार आपराधिक गतिविधियों और आर्थिक लाभ के उद्देश्य से गठित नेटवर्क के पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 111 (संगठित अपराध) भी जोड़ी गई है।फरार आरोपी जसमीत सिंह बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार को इस सिंडिकेट की अहम कड़ी बताया जा रहा है, जो करन चौधरी के साथ मिलकर रायगढ़, खरसिया, सक्ती और रायपुर में ऑनलाइन सट्टा संचालन कर रहा था। पुलिस को उम्मीद है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद इस नेटवर्क से जुड़े और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट कहा है कि रायगढ़ में सट्टा, हवाला, ब्लैक मनी और संगठित आर्थिक अपराध से जुड़े हर नेटवर्क पर लगातार कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी और जिले में आर्थिक अपराध करने वालों के लिए अब कोई जगह नहीं

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