
डेस्क खबर खुलेआम
बालौद / छत्तीसगढ़ में दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में अदालत ने कृषि विस्तार अधिकारी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। बालोद निवासी आरोपी देवनारायण साहू को रायपुर की विशेष अदालत ने दोषी करार देते हुए यह सजा दी। मामले के अनुसार, आरोपी और पीड़िता के बीच कॉलेज के समय से जान-पहचान थी। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। आरोपी ने शादी का झांसा देकर युवती के साथ शारीरिक संबंध बनाए।

पीड़िता ने शुरुआत में अलग जाति होने के कारण रिश्ते से इनकार किया था, लेकिन आरोपी ने नौकरी लगने के बाद शादी करने का भरोसा दिलाया।कोर्ट में प्रस्तुत रिकॉर्ड के मुताबिक, फरवरी 2021 में आरोपी ने रायपुर के धरमपुरा स्थित अपने किराए के मकान में युवती को बुलाकर जबरन संबंध बनाए। इसके बाद भी वह लगातार शादी का वादा कर शोषण करता रहा। वर्ष 2025 में आरोपी ने युवती को शादी से इनकार कर दिया और उसकी जाति को लेकर अपमानजनक टिप्पणी की।अदालत ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी शुरू से पीड़िता की जाति से अवगत था, इसके बावजूद उसने धोखे से उसका शोषण किया। इसे गंभीर अपराध मानते हुए कोर्ट ने उसे SC/ST एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में दोषी पाया।विशेष न्यायाधीश पंकज कुमार सिन्हा की अदालत ने आरोपी को BNS की धारा 64(2)(M) और 69 के तहत 10-10 वर्ष के कठोर कारावास तथा SC/ST एक्ट की धारा 3(2)(5) के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 6 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।












