

डेस्क खबर खुलेआम
रायपुर | विशेष रिपोर्ट
शहर में सूखा नशा और सिंथेटिक ड्रग्स के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। एण्टी क्राइम एंड साइबर यूनिट और थाना तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त टीम ने एमडीएमए ड्रग्स सप्लाई करने वाले पूरे नेटवर्क को तोड़ते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह का संचालन दिल्ली में बैठे मास्टरमाइंड महेश खड़का और कुसुम हिन्दुजा कर रहे थे, जो वर्ष 2024 में भी ड्रग्स मामले में जेल जा चुके हैं। मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोपी रेपिडो राइडरों का इस्तेमाल ड्रग्स डिलीवरी के लिए कर रहे थे।


ये राइडर सूनसान स्थानों पर ड्रग्स रखकर उसकी वीडियो और लोकेशन व्हाट्सएप के जरिए ग्राहकों तक पहुंचाते थे, जिससे पकड़ से बचा जा सके। एण्टी क्राइम यूनिट को मिली गुप्त सूचना के बाद पुलिस उपायुक्त स्मृतिक राजनाला और उमेश प्रसाद गुप्ता के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी विश्लेषण और बैंक खातों की जांच के जरिए संदिग्ध राइडरों की पहचान कर उन पर नजर रखी गई। 29 मार्च 2026 को काशीराम नगर के पास पुलिस ने तीन राइडरों—सौरभ डोंगरे, शुभम राठौर और सौरभ यादव को एमडीएमए ड्रग्स के साथ रंगे हाथों पकड़ा। पूछताछ में इनकी निशानदेही पर कुणाल मंगतानी को भी गिरफ्तार किया गया, जो कोरियर से ड्रग्स मंगाकर पूरे नेटवर्क को संभालता था। पूछताछ में खुलासा हुआ कि महेश खड़का और कुसुम हिन्दुजा दिल्ली से इस सिंडिकेट का संचालन कर रहे थे। वे कोरियर के जरिए रायपुर ड्रग्स भेजते और यहां से राइडरों के माध्यम से ग्राहकों तक पहुंचाया जाता था।पुलिस टीम दिल्ली के पंचशील विहार पहुंची और दोनों मास्टरमाइंड को ट्रेस कर रायपुर लाकर गिरफ्तार किया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने नाइजीरियन नागरिकों से ड्रग्स खरीदने की बात स्वीकार की है, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की भी जांच शुरू कर दी गई है।
इस कार्रवाई में गिरफ्तार आरोपियों में महेश खड़का और कुसुम हिन्दुजा मास्टरमाइंड, कुणाल मंगतानी कोरियर रिसीवर तथा सौरभ यादव, शुभम राठौर और सौरभ डोंगरे डिलीवरी एजेंट के रूप में कार्यरत थे।फिलहाल पुलिस इस नेटवर्क की अन्य कड़ियों को जोड़ने और पूरे सिंडिकेट की जड़ तक पहुंचने में जुटी हुई है। यह कार्रवाई रायपुर में ड्रग्स के खिलाफ एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।












