

डेस्क खबर खुलेआम
रायपुर। राजधानी रायपुर में विदेशी मुद्रा के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। मामले में एक 18 वर्षीय युवक सहित कई आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह गिरोह देशभर के विभिन्न राज्यों में इसी तरीके से लोगों को अपना शिकार बनाकर करोड़ों की ठगी कर चुका है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुनानक नगर तेलीबांधा निवासी हरदीप सिंह होरा, जो “ट्रैवल प्लानर” नाम से टूर एंड ट्रैवल्स का व्यवसाय संचालित करते हैं, को 1 मार्च 2026 को एक व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को हर्षित अग्रवाल बताते हुए अमेरिका और लंदन में होटल बुकिंग की बात कही। बातचीत के बाद आरोपी ने अगले दिन भुगतान का झांसा देकर प्रार्थी को करेंसी टॉवर स्थित एक को-वर्किंग स्पेस में बुलाया।2 मार्च को प्रार्थी 18,000 यूएस डॉलर और 2,000 जीबीपी (करीब 19.47 लाख रुपये) लेकर मौके पर पहुंचा, जहां आरोपी के साथी रक्षित अग्रवाल ने नोट गिनने की मशीन लाने का बहाना किया। इसी दौरान हर्षित अग्रवाल ने फोन पर बातचीत में उलझाकर पूरी विदेशी मुद्रा लेकर फरार हो गया।पीड़ित की शिकायत पर थाना तेलीबांधा में मामला दर्ज कर एण्टी क्राइम एवं साइबर यूनिट और पुलिस की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की। कार्रवाई के दौरान पहले प्रोसेनजित चक्रवर्ती (पश्चिम बंगाल) और मयंक शर्मा (हरियाणा/लखनऊ) को गिरफ्तार किया गया, जिनके कब्जे से 4.5 लाख रुपये नकद और मोबाइल फोन बरामद किए गए।पूछताछ में सामने आया कि गिरोह का एक और सदस्य अमन शर्मा भी इस ठगी में शामिल है। तकनीकी विश्लेषण के आधार पर उसे कोलकाता के 24 परगना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।

आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया कि वह अपने मामा और अन्य साथियों के साथ मिलकर देश के कई राज्यों—महाराष्ट्र, दिल्ली, राजस्थान, तेलंगाना, तमिलनाडु, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश—में इसी तरह की 22 वारदातों को अंजाम दे चुका है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने अब तक करीब 3 करोड़ रुपये की ठगी की है। कई मामलों में आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस द्वारा अन्य राज्यों की एजेंसियों से भी समन्वय स्थापित कर गिरोह के नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए आगे की जांच जारी है।









