

डेस्क खबर खुलेआम
गणेश भोय जिला ब्यूरो जशपुर
25.02.26 को चौकी कोल्हेंझरिया क्षेत्रांतर्गत एक ग्राम के प्रार्थिया ने चौकी कोल्हेनझरिया में रिपोर्ट दर्ज कराया थी, कि दिनांक 24.02.26 को , उसकी 16 वर्षीय नाबालिक बेटी, जो कि कक्षा दसवीं में पढ़ती है, सुबह 08.00 बजे अपनी सहेलियों के साथ परीक्षा लिखने हेतु जाने की बात बोलकर स्कूल जाने हेतु घर से निकली थी, इसी दौरान 09.00 बजे स्कूल के शिक्षक ने फोन के माध्यम से प्रार्थिया को सूचित किया कि उसकी नाबालिक बेटी, स्कूल नहीं पहुंची है, जिस पर परिजनों के द्वारा नाबालिक बालिका की पता साजी करते हुए, उसके सहेलियों से भी पूछताछ किया गया, जिस पर नाबालिक बालिका की सहेलियों ने बताया कि नाबालिक बालिका ने अपने सहेलियों को बोला था कि, तुम लोग जाओ, मैं कुछ देर में लघु शंका कर आती हूं, नाबालिक बालिका के परिजनों के द्वार, नाबालिक बालिका के संबंध में आस पास, रिश्तेदारों व पड़ोसियों में पता साजी किया गया, परंतु कहीं पता नहीं चला, उन्हें संदेह है कि उसकी नाबालिक बेटी को किसी के द्वारा बहला फुसलाकर, भगा कर ले लिया गया है। रिपोर्ट पर मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल चौकी कोल्हेंझरिया में गुम इंसान व बी एन एस की धारा 137(2) के तहत मामला पंजीबद्ध कर जांच विवेचना तथा पातासाजी में लिया गया था। पुलिस के द्वारा लगातार गुम नाबालिक बालिका की पातासाजी करते हुए संदिग्धों से पूछताछ भी की जा रही थी, इसी दौरान मुखबिर की सूचना व परिजनों के सहयोग तथा पुलिस की टेक्निकल टीम की मदद से पता चला कि उक्त गुम नाबालिक बालिका , जशपुर जिले से लगे उड़ीसा राज्य के एक ग्राम में, आरोपी इष्टा राणा के साथ है, जिस पर पुलिस की टीम के द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए, उक्त ग्राम में जाकर, आरोपी इष्टा राणा के कब्जे से नाबालिक बालिका को बरामद कर, आरोपी इष्टा राणा को हिरासत में लेकर वापस लाया गया। पुलिस की पूछताछ पर नाबालिक बालिका ने बताया कि आरोपी इंस्टा राणा के साथ फोन के माध्यम से उनकी दोस्ती हुई थी। इस दौरान आरोपी के द्वारा नाबालिक बालिका को प्यार व शादी का झांसा देकर अपने साथ भगा कर अपने उड़ीसा राज्य स्थित घर ले गया था । इस दौरान आरोपी के द्वारा शादी का झांसा देकर नाबालिक बालिका के साथ जबरन अनाचार भी किया गया है। नाबालिक बालिका के कथन के आधार पर मामले में आरोपी के विरुद्ध उक्त कृत्य के लिए बी एन एस की धारा 64(2)(M),65(1)व 4,6 पॉस्को एक्ट भी जोड़ी गई है। पुलिस की पूछताछ पर आरोपी के द्वारा अपराध स्वीकार करने व प्रयाप्त अपराध सबूत पाए जाने पर उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।













