
क्षेत्र के नामचीन अपराधी परिवार के दंपत्ति ने किया था दुष्कर्म का प्रयास
शरीर में आई चोट के साथ फरियाद लेकर पीड़िता पहुंची ads एसपी श्री नाग के पास
सारंगढ़/ कोसीर…एक तरफ प्रदेश सरकार और उसके मुखिया महिला सुरक्षा को लेकर बेहद संजीदा है। तो दूसरी तरफ कोसिर थाना प्रभारी पर महिला सुरक्षा मामले में अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लग रहा है।
ताज़ा मामला कुछ इस प्रकार है जहां नवविवाहित पीड़िता अपने साथ हुए अत्याचार को लेकर पुलिस से न्याय मांग रही है। परंतु कथित तौर पर स्थानीय अपराधियों और गुंडा तत्वों को संरक्षण देने वाली पुलिस घटना के परिपेक्ष्य में आरोपी के विरुद्ध अपराध दर्ज होने के बावजूद उसे पकड़ कर जेल भेजने के बजाए उसे बचाव का अवसर दे रही है।
इस वजह से पीड़िता परेशान होकर जिले के संवेदनशील पुलिस अधिकारी ads एस पी श्री महेश्वर नाग के पास न्याय की गुहार लेकर उपस्थित हुई है।
घटना क्रम और आरोपी के पृष्ठभूमि से अवगत होने के बाद श्री नाग ने पीड़िता को हर संभव मदद करने और निष्पक्ष कार्रवाही का आश्वासन दिया है।
घटना के विषय में फोन पर बताते हुए नव विवाहित 19 वर्षीय पीड़िता कहती है कि उसके पड़ोसी परिवार के लोग जो अपराधिक प्रवृत्ति के है,इनमे से 55 वर्षीय सुरीत राम सुमन निवासी भाटागांव और उसकी पत्नी समे बाई ने पीड़िता को 28 फरवरी के दिन ब्यूटी पार्लर जाते वक्त जबरदस्ती खींच कर अपने घर ले आए।
जहां उसके पति और आरोपी सूरीत राम ने उसकी सहायता से पीड़िता से भयावह तरीके से डरा धमका कर बंधक बनाते हुए दुष्कर्म करने का प्रयास किया। पीड़िता ने बताया कि
आरोपी ने अपने शरीर के अधोवस्त्र को छोड़ सभी कपडे उतारते पीड़िता से खींच तान किया। जिससे उसके शरीर में चोट के निशान उभर आए। इसी बीच पीड़िता के परिजनों ने उसके मोबाइल पर फोन किया तो आरोपी की पत्नी ने उन्हे भ्रमित करते हुए बताया कि पीड़िता अपनी मर्जी से सरायपाली चली गई है उसे खोजने का प्रयास मत करें।
कुछ देर में वास्तविकता का पता चलने पर पीड़िता का पति और ग्रामीणों ने आरोपी के घर धावा बोलकर मुझे छुड़ाने का प्रयास किया। इस बीच दोनो पक्षों में विवाद होता रहा। घबराए हुए आरोपी सूरीत ने मुझे पीछे से बाहर धकेल दिया। जब पीड़िता का पति अजय सुमन उस तक पहुंचे तो देखा घटना के बाद बुरी तरह घबराई पीड़िता सिसक सिसक कर रो रही थी।
इसके बाद पीड़िता को लेकर परिजन कोसिर थाने गए वहां घटना को बताते हुए आरोपी गणों के विरुद्ध एफ आई आर लिखने की अपील की। थाने में घंटो बिठाए जाने के बाद पुलिस ने किसी तरह आरोपी पति_पत्नी के विरुद्ध धारा 342,354,506,323,34 के तहत अपराध पंजीबद्ध तो किया। परंतु हफ्ते बीत जाने के बाद भी आरोपी पक्ष की गिरफ्तारी नहीं की। आरोपी खुले आम घूमते हुए पीड़िता और उसके परिजनों को अपमानित करने लगा।
जिसके बाद दुखी पीड़िता और उसके पति ने ads एसपी सारंगढ़ श्री महेश्वर नाग के पास लिखित आवेदन देते हुए कार्यवाही की मांग की। साथ ही आरोपी पक्ष के लोगों का आपराधिक इतिहास बताया। पीड़िता ने अपने जख्म भी दिखाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए संवेदनशील पुलिस अधिकारी ने बिना समय गंवाए। घटना की जांच के लिए एसडीओपी सारंगढ़ को नियुक्त कर उचित कार्यवाही के निर्देश दिए।
आज जब उक्त संगीन घटना को अंजाम देने वाले क्षेत्र के दुर्दांत आरोपी निर्भय होकर खुले घूम रहे है तो ऐसे में पीड़िता और उसके परिजनों का मनोबल पूरी तरह से टूट चुका है। पीड़िता ने मिडिया को बताया कि कई बार घटना को याद करते हुए उसके रोगंटे खड़े हो जाते है वह बुरी तरह से सहम जाती है। हालाकि क्षेत्र की लोकप्रिय जिला पंचायत सदस्या श्रीमती वैजयंती नंद राम लहरे ने उन्हे हर संभव सहायता देते हुए जल्दी ही न्याय दिलाने हेतु आश्वस्त किया है। वही पीड़िता और उसके परिजनों को भी सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिला पुलिस से भी शीघ्र न्याय मिलने की अपेक्षा है।
घटना को लेकर हमारी बात ads एसपी श्री नाग से हुई तो उन्होंने कहा अपराध गंभीर प्रवृति का है। पुलिस पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए पूरी संजीदगी से काम कर रही है। जल्दी हो आपको इसका परिणाम भी सामने दिखेगा। अभी मेरे अवकाश में होने के दौरान घटना की जांच sdop सारंगढ़ कर रहे हैं। आरोपी गण जल्दी ही हमारी( सारंगढ़ पुलिस ) की पकड़ में होंगे।





