

खबर खुलेआम
नरेश राठिया तमनार
तमनार। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तमनार के बीएमओ डॉ. डी. एस. पैकरा के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय अंधत्व एवं अल्प दृष्टि नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत 8 मार्च से 14 मार्च 2026 तक विश्व ग्लूकोमा सप्ताह मनाया जा रहा है। इसी क्रम में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लिबरा एवं उरबा के साथ-साथ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सराईपाली में भी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें लोगों को आंखों की देखभाल एवं ग्लूकोमा बीमारी के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।कार्यक्रम के दौरान संस्था प्रभारी देवेंद्र देवागन ने बताया कि आंखें मानव जीवन की सबसे महत्वपूर्ण इंद्रियों में से एक हैं। यदि आंखें स्वस्थ हैं तो व्यक्ति दुनिया की सुंदरता को देख सकता है, इसलिए कहा जाता है “आंखें हैं तो संसार है, नहीं तो जग अंधियार है।” उन्होंने उपस्थित लोगों से अपील करते हुए कहा कि समय-समय पर आंखों की जांच अवश्य करानी चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की बीमारी का समय रहते पता चल सके और उसका उपचार किया जा सके।इस अवसर पर नेत्र सहायक लक्ष्मी प्रसाद सारथी ने ग्लूकोमा बीमारी के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि यह बीमारी सामान्यतः 40 वर्ष की आयु के बाद अधिक देखने को मिलती है। उन्होंने बताया कि आंखों में एक प्रकार का तरल पदार्थ होता है, जो आंखों के गोले को चिकना बनाए रखने में मदद करता है। जब इस तरल पदार्थ के संतुलन में गड़बड़ी आ जाती है या उसका प्रवाह प्रभावित होता है, तब आंखों की नसों पर दबाव बढ़ने लगता है, जिससे ग्लूकोमा की बीमारी हो सकती है। उन्होंने कहा कि यह बीमारी धीरे-धीरे आंखों की रोशनी को प्रभावित करती है और यदि समय पर इलाज नहीं कराया गया तो स्थायी रूप से दृष्टि हानि भी हो सकती है।उन्होंने यह भी बताया कि ग्लूकोमा को कई लोग सामान्य आंखों की समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि यह एक गंभीर बीमारी है। इसलिए 40 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों को नियमित रूप से आंखों की जांच करानी चाहिए, ताकि इस बीमारी का समय रहते पता लगाया जा सके और उचित उपचार किया जा सके।कार्यक्रम में अर्जुन बेहरा एवं शिवलाल साहू का विशेष मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। इस दौरान उपस्थित लोगों को आंखों की देखभाल, स्वच्छता तथा समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने के प्रति भी जागरूक किया गया।इस अवसर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सराईपाली के समस्त स्टॉफ, तरुण कुमार थवाइत, बी. भगत, फील्ड के सभी आरएचओ एवं सीएचओ के साथ अस्पताल में आए ग्रामीण एवं क्षेत्रवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को आंखों की सुरक्षा एवं ग्लूकोमा जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया।













