

डेस्क खबर खुलेआम
नगर निगम की राजनीति में अच्छी पकड़, सरल, स्वच्छ एवं बेदाग छवि का मिल सकता है लाभ
भाजपा सरकार की आंधी में रायगढ़ में ट्रिपल इंजन की सरकार बनी है। रायगढ़ निकाय में भाजपा के अब तक का सबसे बेहतर प्रदर्शन रहा है। आलम यह रहा कि 48 में 33 सीट में जीत हासिल वार्ड पार्षद के रूप में प्रत्याशियों ने किये है। इसमें दो पार्षद निर्विरोध निर्वाचन हुए है। इस लिहाज से सभापति का गुना भाग गड़बड़ हो चुका है कद्दावर भाजपा नेताओं की लंबी फेहरिस्त हो चुकी है ऐसे में अगर युवा फेक्टर कार्ड चला तो शरद सराफा सियासी समीकरण में उपयुक्त नाम हो सकता है।गौरतलब हो कि भाजपा के पक्ष में रायगढ़ की जनता जनार्दन ने मजबूत बहुमत देते हुए चाय वाले को अपना नेता बनाया है चाय वाले जीवर्धन चौहान प्रथम नागरिक बनकर महापौर बने है। इस बीच सभापति के लिए राजनीतिक चर्चाओं का दौर चलने लगा है। इसमें आधा दर्जन नाम अब तक उभर कर सामने आ चुका है।
इस बीच युवा वर्ग कार्ड अब निगम की राजनीतिक गलियारों से निकलने लगा। कमोबेश यह युवा फेक्टर भाजपा पार्टी दफ्तर में दबे जुबान चर्चा होने लगी है। युवा वर्ग की कार्ड में एक बार फिर से निकाय चुनाव जीतकर आने वाले शरद सराफ का नाम तेजी से उभरा है। शरद की राजनीति भी बेहद साफ है। नियमो के जानकार तथा मुखर वक्ता के रूप में निगम में पहचान है।नगर निगम की राजनीति में अच्छी पकड़ है। सरल, स्वच्छ एवं बेदाग छवि होने से युवा वर्ग के पैनल में उनका नाम हिट लिस्ट यानी प्रथम पायदान में है। बहरहाल अगर युवा वर्ग फेक्टर चला तो सभापति में युवा चेहरे के रूप में शरद की ताजपोशी हो सकती है।कांग्रेस के कद्दावर नेता प्रभात को किए पराजय निकाय चुनाव वर्ष 2024-25 में शरद सराफ भाजपा से उम्मीदवार थे, जबकि कांग्रेस से कद्दावर नेता प्रभात साहू के साथ चुनावी मैदान में आमने-सामने थे। इस चुनाव प्रभात साहू को 960 मत तथा 1002 मत भाजपा उम्मीदवार शरद सराफ को प्राप्त हुआ।इस तरह से जीत का अंतर भी अधिक रहा। इस लिहाज से उनकी दावेदारी युवा कार्ड अगर चला तो संभवतः सभापति की कुर्सी के प्रबल दावेदार में एक नाम होगा।ऐसे रहा राजनीतिक सफ़रनामाशरद सराफ वर्ष 2007 में पहली बार पार्षद निर्वाचित हुए वर्ष 2012 में निर्दलीय चुनाव जीत हासिल कर पूर्व विधायक रोशनलाल अग्रवाल के नेतृत्व में भाजपा प्रवेश किया । इसके उपरांत वर्ष 2025 में भाजपा की टिकट से तीसरी बार निर्वाचित हुए। इसके अलावा वे पार्टी स्तर में कई दायित्व का निर्वहन कर चुके है। इसमें विधानसभा, लोकसभा चुनाव में शक्ति केन्द्र हटरी चौक के संयोजक व जिला मंत्री भाजयुमो भी रह चुके हैं।













