

खबर खुलेआम
देश सहित प्रदेश और रायगढ़ जिले में मौसम का तापमान 8 से 10 डिग्री तक गिर चुका है, लेकिन घरघोड़ा क्षेत्र के जुआरियों की “गर्मी” 40 डिग्री के पार बताई जा रही है। जहां आम लोग ठिठुरन से बचने घरों में दुबके हैं, वहीं घरघोड़ा थाना क्षेत्र के जंगलों में जुए के फड़ पूरे शबाब पर सज रहे हैं। बताया जा रहा है कि यहां प्रतिदिन लाखों रुपये का वारा-न्यारा हो रहा है। एक ओर पुलिस छोटी-छोटी कार्रवाई कर वाहवाही लूटती नजर आ रही है, तो दूसरी ओर क्षेत्र के जंगलों में बड़े जुए की आग धधकती रही है। दूर दूर से लोग आकर सर्द ठण्ड में जुआरी खुले आसमान के नीचे 52 पत्ती और खुडखुडिया चौसर पर किस्मत आजमा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, घरघोड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जंगलों में पिकनिक की आड़ में यह अवैध जुआ चल रहा है। हर दिन सुबह के 11 बजे से से रात को 7-8 बजे तक जुए के फड़ गुलजार रहते हैं, जहां रोजाना लाखों रुपये दांव पर लगाए जा रहे हैं।जुआरियों ने बाकायदा सिंडिकेट बनाकर पूरे इलाके को बांट रखा है।

कोनपारा से लेकर चिमटापानी, रुमकेरा, रायकेरा, सल्हेपाली, पोरड़ा, नवापारा टेंडा और कुडुमकेला तक जंगलों में अलग-अलग स्थानों पर फड़ सजाए जा रहे हैं। हर फड़ पर निगरानी, वसूली और सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था होने की बात कही जा रही है।
जुआ खिलवाने वालों में महात्मा, जग्गू, संकीर्तन, अन्नू, गजनी और आनंद जैसे नाम के व्यक्तियों का नाम सामने आ रहे हैं। ग्रामीणों कि माने तो इन्हें पुलिस के कुछ नुमाइंदों का खुला संरक्षण प्राप्त होने कि बात सामने आ रही है
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि दिन के समय भी जंगलों में संदिग्ध गतिविधियां बढ़ गई हैं, जिससे भय का माहौल बन गया है। बावजूद इसके पुलिस की ठोस कार्रवाई न होने से संरक्षण के आरोप और मजबूत होते जा रहे हैं। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या जिम्मेदार अधिकारी इस खुले जुए पर लगाम लगाएंगे, या फिर ठंड के मौसम में भी जुए की यह आग यूं ही जंगलों में धधकती रहेगी ?











