

खबर खुलेआम
हीरालाल राठिया लैलूंगा से
रायगढ़ | जिला पंचायत रायगढ़ के सीईओ अभिजीत पठारे ने मुकडेगा में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर के बाद पंचायतों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के कार्यों में भारी लापरवाही सामने आने पर दो पंचायत सचिवों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।कार्यालय जिला पंचायत रायगढ़ ने ग्राम पंचायत वैस्कीमुड़ा के सचिव अशोक कुमार पटेल तथा ग्राम पंचायत चिराईखार के सचिव श्यामलाल सिदार को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।


जारी नोटिस के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में ग्राम पंचायत वैस्कीमुड़ा में 131 प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुए थे, जिनमें से 128 हितग्राहियों को पहली किश्त मिल चुकी है, लेकिन स्थिति बेहद खराब पाई गई—सिर्फ 02 आवास पूर्ण 38 आवास प्लिंथ लेवल तक 82 आवास अभी तक शुरू ही नहीं यानी अधिकांश हितग्राहियों को पैसा मिलने के बावजूद आवास निर्माण शुरू तक नहीं कराया गया। निरीक्षण में दुर्व्यवहार का भी आरोपजिला पंचायत द्वारा जारी पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि निरीक्षण के दौरान संबंधित सचिवों ने उच्च अधिकारियों से दुर्व्यवहार किया और अपने पदीय कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरती।इसी आधार पर उन्हें पंचायत सेवा (आचरण) नियम 1998 के नियम 3 (1) (एक), (दो) और (तीन) के तहत प्रथम दृष्टया दोषी माना गया है। 3 दिन में देना होगा जवाबसीईओ कार्यालय ने दोनों सचिवों को 3 दिवस के भीतर सप्रमाण लिखित स्पष्टीकरण देने के लिए कहा है।अगर तय समय में जवाब नहीं दिया गया तो एकपक्षीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दे दी गई है।
सीईओ अभिजीत पठारे के इस सख्त कदम से लैलूंगा क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि आवास योजना की धीमी रफ्तार को लेकर अब और भी पंचायतों की जांच हो सकती है। अब बड़ा सवाल हितग्राहियों को पैसा मिलने के बाद भी आवास क्यों नहीं बने? क्या सिर्फ सचिव जिम्मेदार हैं या पूरी व्यवस्था में कहीं और भी गड़बड़ है?











