

डेस्क खबर खुलेआम
गणेश भोय जिला ब्यूरो जशपुर
जशपुर जिले के सिटी कोतवाली क्षेत्र से एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां पत्नी ने अपने ही पति की निर्मम हत्या कर, पहचान मिटाने के लिए शव को पेट्रोल डालकर जला दिया। इस सनसनीखेज वारदात में पत्नी के साथ उसकी दो नाबालिग बेटियां और एक नाबालिग पड़ोसी बालक भी शामिल पाए गए हैं। दिनांक 18 अक्टूबर 2025 को ग्राम पुरना नगर के तुरीटोंगरी जंगल में एक गड्ढे से अधजली लाश मिलने की सूचना पर सिटी कोतवाली जशपुर पुलिस मौके पर पहुंची। शव का अधिकांश हिस्सा जला होने के कारण पहचान करना मुश्किल था। प्रारंभिक जांच में मामला संदिग्ध प्रतीत होने पर पुलिस ने मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम कराया, जिसमें मौत का कारण हत्यात्मक पाया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर थाना सिटी कोतवाली जशपुर में बीएनएस की धारा 103(1) व 238(क) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विस्तृत जांच शुरू की गई।
शव की पहचान के लिए पुलिस ने फोटो आसपास के थानों में सर्कुलेट किए, गुमशुदा व्यक्तियों की जानकारी जुटाई और मुखबिर तंत्र के साथ टेक्निकल टीम को सक्रिय किया गया। इसी दौरान दिसंबर 2025 में मृतक महावीर राम भगत के भाई ने पुलिस से संपर्क कर संदेह जताया कि महावीर दिवाली के बाद से लापता है और उसकी पत्नी सुमित्रा भगत द्वारा उसके गुम होने को लेकर कोई गंभीर प्रयास नहीं किया गया। पुलिस को जानकारी मिली कि मृतक और उसकी पत्नी के बीच लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था। संदेह गहराने पर पुलिस ने अधजली लाश के सैंपल और मृतक के बच्चों के सैंपल लेकर डीएनए जांच करवाई, जिसमें रिपोर्ट मैच हो गई। इससे यह स्पष्ट हो गया कि जंगल में मिली अधजली लाश महावीर राम भगत की थी। हिरासत में लेने के बाद आरोपी पत्नी सुमित्रा भगत ने पहले पुलिस को गुमराह किया, लेकिन सख्त और मनोवैज्ञानिक पूछताछ में उसने जुर्म कबूल कर लिया। आरोपिया ने बताया कि 18 अक्टूबर की सुबह पति उसके घर आया था, दोनों में विवाद हुआ और आवेश में आकर उसने पति पर छोटी गैंती से वार किया, फिर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। घटना के वक्त उसकी दो नाबालिग बेटियां घर में मौजूद थीं, जिन्होंने पूरी वारदात देखी और मां का साथ दिया
रात के समय आरोपी पत्नी ने पड़ोस के 15 वर्षीय नाबालिग बालक की मदद से शव को लकड़ी की बल्ली से बांधकर तुरीटोंगरी जंगल ले जाया, जहां पहचान मिटाने की नीयत से शव पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई। पुलिस ने आरोपी पत्नी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त छोटी गैंती, पेट्रोल की जरीकिन और टॉर्च जब्त की है। आरोपी पत्नी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है, जबकि तीनों नाबालिगों को बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राकेश कुमार पाटनवार के नेतृत्व में 7 सदस्यीय टीम गठित कर लगातार निगरानी की गई, जिसके परिणामस्वरूप अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाई जा सकी।
एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि जशपुर पुलिस ने तकनीकी जांच, डीएनए टेस्ट और सघन पूछताछ के माध्यम से इस जघन्य हत्या का खुलासा कर आरोपी पत्नी सहित विधि से संघर्षरत बालक-बालिकाओं को विधिसम्मत कार्रवाई के तहत निरुद्ध किया है।













