

डेस्क खबर खुलेआम



हीरालाल राठिया लैलूंगा
लैलूँगा तहसील से महज 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत केराबहर के मंडलपारा में अवैध ईंट का गोरखधंधा तेजी से फल-फूल रहा है। इस अवैध कारोबार के कारण हजारों पेड़ों की कटाई कर ईंट भट्ठों में जलाया जा रहा है, जिससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान हो रहा है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, इस इलाके में अवैध रूप से लाल ईंट बनाने के लिए बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई की जा रही है। हालांकि, यह पूरा मामला राजस्व विभाग और वन विभाग के अधिकारियों के संज्ञान में है, फिर भी प्रशासन की चुप्पी समझ से परे है। न तो स्थानीय पटवारियों को इस बारे में कोई भनक लग रही है, और न ही वे कोई कार्रवाई करने के लिए इच्छुक दिख रहे हैं। अवैध ईंट भट्ठों के कारण न केवल पर्यावरण को नुकसान हो रहा है, बल्कि इससे राजस्व की भी हानि हो रही है। लकड़ियों की अवैध कटाई और पर्यावरणीय क्षति के बावजूद वन विभाग के अधिकारी मौन हैं। प्रशासन की निष्क्रियता से यह स्पष्ट हो रहा है कि या तो उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है या फिर जानबूझकर अनदेखी की जा रही है।स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस अवैध ईंट कारोबार पर तुरंत कार्रवाई करने की मांग की है। यदि जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो यह न केवल पर्यावरण के लिए घातक साबित होगा, बल्कि अवैध कारोबार को और भी बढ़ावा देगा। प्रशासन को चाहिए कि वह इस मामले में सख्त कार्रवाई कर दोषियों पर कानूनी शिकंजा कसे, ताकि पर्यावरण की सुरक्षा और सरकारी नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।

