

डेस्क खबर खुलेआम
प्राथमिक जांच में आरोप सही, पद के दुरुपयोग और अवैध लेनदेन के संकेत
रायपुर | प्रदेश के बहुचर्चित डीएसपी कल्पना वर्मा बनाम दीपक टंडन मामले में बड़ा प्रशासनिक एक्शन सामने आया है। 5 फरवरी 26 गुरुवार को आदेश जारी कर डीएसपी कल्पना वर्मा को सस्पेंड कर दिया गया है। शिकायत की प्राथमिक जांच प्रतिवेदन में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई। जांच रिपोर्ट के अनुसार डीएसपी कल्पना वर्मा पर वित्तीय लेनदेन में अनियमितता, जांच के दौरान दिए गए कथनों और व्हाट्सएप चैट में विरोधाभास, कर्तव्य के दौरान अवैध आर्थिक लाभ प्राप्त करने, पद के दुरुपयोग तथा अनुपातहीन संपत्ति अर्जित करने जैसे गंभीर आरोप प्रमाणित हुए हैं। ये कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम-3 का स्पष्ट उल्लंघन माने गए हैं।

मामले में रायपुर के होटल कारोबारी दीपक टंडन ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2021 से 2025 के बीच उन्होंने डीएसपी कल्पना वर्मा को साजिश के तहत फंसाए जाने के दौरान लगभग 2 करोड़ रुपये नकद, एक हीरे की अंगूठी, सोने की चेन और एक कार दिए थे, जिन्हें डीएसपी ने अपने पास रख लिया। हालांकि, डीएसपी कल्पना वर्मा ने सभी आरोपों को निराधार और साजिश करार देते हुए सिरे से खारिज किया है। फिलहाल दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं, लेकिन किसी भी पक्ष की शिकायत पर अब तक FIR दर्ज नहीं की गई है। मामला हाई-प्रोफाइल होने के चलते प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।












