

डेस्क खबर खुलेआम
सुकदेव आज़ाद जांजगीर चाम्पा
बिलाईगढ़।सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के अंतर्गत आने वाले जनपद पंचायत बिलाईगढ़ की ग्राम पंचायत कैथा में रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। ग्राम के बेलभाठा क्षेत्र में लगभग 1000 मीटर लंबी नाली निर्माण कार्य को नियमों की अनदेखी करते हुए जेसीबी मशीन से कराए जाने के आरोप लगे हैं।जहां एक ओर सरकार मनरेगा के माध्यम से ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है, वहीं दूसरी ओर पंचायत स्तर पर ही इस योजना की मंशा पर पानी फेरा जा रहा है। आरोप है कि ग्राम पंचायत के जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों द्वारा मशीनों का उपयोग कर ग्रामीण मजदूरों का रोजगार छीन लिया गया।प्राप्त जानकारी के अनुसार, मनरेगा के तहत होने वाले कार्यों में मशीनों के उपयोग पर स्पष्ट रूप से प्रतिबंध है। इसके बावजूद बेलभाठा में नाली निर्माण कार्य हेतु जेसीबी के माध्यम से खुदाई कराया गया, जिससे गांव के मजदूरों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि यही कार्य मजदूरों से कराया जाता, तो उन्हें रोजगार मिलता और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होता।ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया है कि बिना किसी वैधानिक अनुमति के मशीनों से कार्य कराने की अनुमति किसने दी? साथ ही यह भी स्पष्ट नहीं है कि इस कार्य का भुगतान किस मद से किया जाएगा, जिससे वित्तीय अनियमितताओं की आशंका भी बढ़ गई है।इस पूरे मामले ने पंचायत की कार्यप्रणाली पर पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की अनियमितताओं पर रोक लग सके।
इस संबंध में ग्राम पंचायत कैथा के सरपंच दुष्यंत खुंटे एवं सचिव से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। वहीं उपसरपंच दशरथ साहू ने स्वीकार किया कि बेलभाठा में नाली निर्माण हेतु जेसीबी से खुदाई कराई गई है, परंतु यह कार्य किस योजना और मद से किया गया, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। यदि समय रहते इस प्रकार की लापरवाही और अनियमितताओं पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना केवल कागजों तक सीमित रह जाएगी और जरूरतमंद ग्रामीण इसके वास्तविक लाभ से वंचित रह जाएंगे।












