
डेस्क खबर खुलेआम
दीपक गुप्ता जीपीएम
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। मरवाही तहसील क्षेत्र में रेत के कथित अवैध कारोबार को लेकर सवाल गहराते जा रहे हैं। अमेराटिकरा ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले मौहरीटोला में सैकड़ों ट्रैक्टर के बराबर रेत भंडारित किए जाने की जानकारी सामने आई है। आरोप है कि रूमगा, सिलपहरी और कोलबीरा क्षेत्र से कथित तौर पर रेत का उत्खनन कर ट्रैक्टरों के माध्यम से मौहरीटोला में डंपिंग की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।रोक के बीच रेत का भंडारण, आखिर कहां से आया इतना माल? रेत खनन से जुड़े प्रतिबंधों और एनजीटी के निर्देशों के बीच मौहरीटोला में बड़ी मात्रा में रेत के कथित भंडारण ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि मौके पर सैकड़ों ट्रैक्टर के बराबर रेत जमा है, तो उसके स्रोत, खनन अनुमति और परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की जांच आवश्यक हो जाती है।आखिर रेत कहां से निकाली गई? किसकी अनुमति से इसका परिवहन हुआ? क्या भंडारण स्थल के लिए वैध अनुमति मौजूद है? इन सवालों के जवाब अब प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।रूमगा से मौहरीटोला तक कथित रेत कारोबार की कड़ी? स्थानीय स्तर पर लगाए जा रहे आरोपों में रूमगा, सिलपहरी और कोलबीरा से कथित अवैध उत्खनन तथा मौहरीटोला में बड़े पैमाने पर भंडारण की बात कही जा रही है। ऐसे में नदी घाटों से लेकर डंपिंग स्थल तक पूरी गतिविधि की जांच की मांग उठ रही है।यदि उत्खनन, परिवहन और भंडारण के बीच कोई अनियमितता है, तो मौके पर जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाना जरूरी होगा। इसके लिए रेत के स्रोत, वाहनों, रॉयल्टी दस्तावेजों और संबंधित अनुमति की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रह है मौहरीटोला में कथित बड़े पैमाने पर रेत भंडारण की जानकारी सामने आने के बाद खनिज विभाग की मैदानी निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। क्या विभाग को इस कथित डंपिंग स्थल की जानकारी है? क्या अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया है? यदि जांच की गई है, तो उसमें क्या तथ्य सामने आए? इन सवालों पर विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। वहीं, ग्रामीणों और स्थानीय लोगों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविकता सार्वजनिक की जाए। मौहरीटोला में कथित रेत भंडारण को लेकर प्रशासन से तत्काल संयुक्त जांच कराने की मांग की जा रही है। जांच के दौरान रेत की मात्रा, उत्खनन का स्रोत, भंडारण की अनुमति, परिवहन वाहनों और संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन किया जाना चाहिए।यदि जांच में नियमों का उल्लंघन सामने आता है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। अब देखना यह है कि मौहरीटोला में रेत के कथित कारोबार की जांच कब शुरू होती है और प्रशासन की कार्रवाई से इन सवालों का जवाब कैसे सामने आता है।





